एयरटेल बिज़नेस Airtel Business ने मंगलवार, 5 अक्टूबर 2026 को आईक्यू गेटवे नाम का नया कारोबारी संचार प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की। इसे कंपनियों के लिए सुरक्षित और बेहतर संचार व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह भारत में अपनी तरह का पहला ऐसा प्लेटफॉर्म है जो अलग-अलग संचार माध्यमों को एक ही नियंत्रण व्यवस्था के तहत जोड़ता है।
आईक्यू गेटवे का उद्देश्य कंपनियों को अपने ग्राहकों के साथ होने वाले संचार को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संभालने में मदद करना है। इसमें नेटवर्क से जुड़ी जानकारी और सुरक्षा क्षमताओं का इस्तेमाल किया गया है, ताकि कंपनियां संदेश भेजने, ग्राहक की पहचान की पुष्टि करने और संभावित धोखाधड़ी से बचने की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकें।
आईक्यू गेटवे IQ Gateway को इस तरह तैयार किया गया है कि कंपनियां अलग-अलग संचार सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म से संभाल सकें। इसमें SMS, WhatsApp, RCS, Voice Communication और Number Verification जैसी सुविधाओं को एक साथ जोड़ा गया है।
Airtel के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म DPDP नियमों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य कंपनियों के लिए ग्राहक संचार को आसान बनाने के साथ-साथ ग्राहकों के भरोसे और सुरक्षा को मजबूत करना है।
अभी कई कंपनियों को अलग-अलग संचार माध्यमों के लिए अलग-अलग प्रणालियों और सेवा प्रदाताओं का इस्तेमाल करना पड़ता है। IQ Gateway इस व्यवस्था को एक जगह लाने की कोशिश करता है।
Airtel Business का कहना है कि कई कंपनियों के सामने संचार से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। इनमें अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बंटी हुई संचार व्यवस्था, संदेश पहुंचने की सीमित जानकारी और बॉट्स के जरिए होने वाली OTP Pumping के कारण बढ़ते खर्च जैसी समस्याएं शामिल हैं।
कंपनियों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होता है कि भेजा गया संदेश ग्राहक तक पहुंचा या नहीं और किस माध्यम से सबसे प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है। IQ Gateway इस पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य रखता है।
यह प्लेटफॉर्म पहले से स्वीकृत संदेशों के Message Templates को संभालने में भी मदद करता है। इससे कंपनियां अपने ग्राहक संचार को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकती हैं।
IQ Gateway में Airtel की कई धोखाधड़ी-रोधी सेवाओं को शामिल किया गया है। इनमें Automatic DLT Integration और Intelligent Multi-Channel Routing प्रमुख हैं।
DLT Integration के जरिए कंपनियों के संदेशों से जुड़ी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है। वहीं Intelligent Multi-Channel Routing का उद्देश्य ग्राहक तक संदेश पहुंचाने के लिए उपलब्ध माध्यमों में से उचित विकल्प चुनना है।
इस तरह कंपनियां केवल एक संचार माध्यम पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत के अनुसार अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल कर सकती हैं।
IQ Gateway में IQ Verify नाम की सुविधा भी दी गई है। यह नेटवर्क स्तर पर ग्राहक या गतिविधि से जुड़े संभावित धोखाधड़ी के जोखिम का आकलन करने में मदद करती है।
इस तरह की व्यवस्था कंपनियों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने में सहायता कर सकती है।
प्लेटफॉर्म में Silent Authentication भी शामिल है। यह SIM आधारित पहचान की मदद से लॉगिन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए तैयार की गई है।
इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पारंपरिक OTP SMS पर निर्भरता कम करना है। सामान्य तौर पर किसी सेवा में लॉगिन या पहचान की पुष्टि के लिए ग्राहक के मोबाइल पर OTP भेजा जाता है। Silent Authentication ऐसी प्रक्रिया को अधिक सहज और सुरक्षित बनाने का विकल्प दे सकता है।
Airtel के अनुसार, इससे ग्राहक अनुभव बेहतर हो सकता है और OTP से जुड़ी कुछ सुरक्षा चुनौतियों को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
Airtel Business के CEO Sharat Sinha के अनुसार, IQ Gateway के जरिए कंपनी अपनी Fraud Prevention विशेषज्ञता को सीधे कारोबारों तक पहुंचा रही है।
उनका कहना है कि सुरक्षित संचार कंपनियों और उनके ग्राहकों के बीच भरोसा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खास तौर पर ऐसे क्षेत्रों में जहां बड़ी मात्रा में ग्राहक डेटा और डिजिटल लेनदेन होते हैं, संचार सुरक्षा का महत्व और बढ़ जाता है।
IQ Gateway को BFSI, सरकारी क्षेत्र, E-commerce और Logistics जैसे क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इन क्षेत्रों में डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराध के कारण होने वाले नुकसान को कम करना महत्वपूर्ण चुनौती है।
IQ Gateway कंपनियों को प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने के लिए एक से अधिक विकल्प देता है। इसे कंपनियों के मौजूदा कामकाज और सेवा प्रदाताओं की व्यवस्था के साथ जोड़ा जा सकता है।
जो कंपनियां अपने सुरक्षा ढांचे पर अधिक नियंत्रण रखना चाहती हैं, वे इसे अपने परिसर में स्थापित कर सकती हैं। वहीं दूसरी ओर, कंपनियां इसे Airtel के Cloud पर Software as a Service यानी SaaS के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
इससे अलग-अलग सुरक्षा जरूरतों और तकनीकी प्राथमिकताओं वाली कंपनियों को अपनी आवश्यकता के अनुसार विकल्प चुनने की सुविधा मिलती है।
Airtel Business अपने नए IQ Gateway प्लेटफॉर्म को India Mobile Congress 2026 में भी प्रदर्शित करेगा। यह आयोजन 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत से जुड़े लोग और संभावित कारोबारी ग्राहक IQ Gateway की सुविधाओं और इसके इस्तेमाल के तरीकों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
Airtel Business का IQ Gateway ऐसे समय में पेश किया गया है जब कंपनियों के लिए सुरक्षित डिजिटल संचार और धोखाधड़ी से बचाव पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। SMS, WhatsApp, RCS, Voice और Number Verification जैसी सेवाओं को एक ही नियंत्रण व्यवस्था में जोड़कर प्लेटफॉर्म कारोबारी संचार को सरल बनाने की कोशिश करता है।
IQ Verify, Silent Authentication, DLT Integration और Intelligent Multi-Channel Routing जैसी सुविधाएं कंपनियों को धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने और ग्राहक अनुभव बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।
BFSI, सरकारी सेवाओं, E-commerce और Logistics जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है। अब यह देखना होगा कि कंपनियां इस नए प्लेटफॉर्म को किस स्तर तक अपनाती हैं और यह डिजिटल संचार से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को कम करने में कितना प्रभावी साबित होता है।