एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया है, अब एक जैसी फीस की जगह दूरी के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज लागू किया है।
ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध का असर अब हवाई यात्रा पर भी पड़ने वाला है, भारत में हवाई यात्रा महंगी होने वाली हैं, एयरलाइंस कंपनियां बढ़ती ईंधन कीमतों की भरपाई के लिए टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाना शुरू कर रही हैं, एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया है, यह फैसला दुनिया भर में जेट ईंधन की कीमतें अचानक बढ़ने के बाद लिया गया है, नई दरें 8 अप्रैल 2026 से लागू होंगी, वहीं कुछ चुने हुए अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर 10 अप्रैल 2026 से अतिरिक्त बदलाव किए जाएंगे।
Air India के मुताबिक ईंधन की लागत बढ़ने से कंपनी पर खर्च का दबाव बढ़ गया है, इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार 27 मार्च को खत्म हुए हफ्ते में जेट फ्यूल की औसत कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि फरवरी के अंत में यह 99.40 डॉलर प्रति बैरल थी, यानी कुछ ही हफ्तों में जेट ईंधन की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है, जिसके चलते एयरलाइन को फ्यूल सरचार्ज बढ़ाना पड़ा है, यह बढ़ोतरी अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध के कारण हुई है, जिससे वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ है।
घरेलू उड़ानों के लिए एयर इंडिया ने अब एक जैसी (फ्लैट) फीस की जगह दूरी के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज लागू किया है, 500 किलोमीटर तक की उड़ानों पर 299 प्रति यात्री (एक सेक्टर), 2,000 किलोमीटर से ज्यादा की उड़ानों पर 899 प्रति यात्री (एक सेक्टर) फ्यूल सरचार्ज लगेगा, यह फैसला सरकार द्वारा घरेलू विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी को 25% तक सीमित करने के बाद लिया गया है, इससे एयरलाइंस को किराया तय करने में संतुलित तरीका अपनाने की अनुमति मिली है।
> 8 अप्रैल सुबह 09:01 बजे IST से लागू
> Air India Express पर भी होगा लागू
> 0–500 किमी- 299 रुपये प्रति यात्री प्रति सेक्टर
> 501–1000 किमी- 399 रुपये
> 1001–1500 किमी- 549 रुपये
> 1501–2000 किमी- 749 रुपये
> 2000 किमी से अधिक- 899 रुपये
पहले फ्लैट सरचार्ज था, अब दूरी के आधार पर नया सिस्टम लागू किया गया है, यह बदलाव ATF कीमत बढ़ोतरी को 25% तक सीमित करने के सरकारी फैसले के अनुसार किया गया है।
> 8 अप्रैल सुबह 09:01 बजे IST से लागू
> SAARC (बांग्लादेश छोड़कर)- USD 24
> Middle East / West Asia- USD 50
> चीन और Southeast Asia (सिंगापुर छोड़कर)- USD 100
> सिंगापुर- USD 60
> अफ्रीका- USD 130
> यूरोप (UK सहित)- USD 205
> नार्थ अमेरिका- USD 280
> ऑस्ट्रेलिया- USD 280
अंतरराष्ट्रीय जेट फ्यूल की कीमत लगभग 100% तक बढ़ गई है, रिफाइंरी मार्जिन भी तीन हफ्तों में लगभग तीन गुना बढ़ गया, एयर इंडिया ने कहा कि वो अभी भी बढ़ी हुई लागत का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है, एयरलाइन्स ने कहा कि बांग्लादेश, जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के लिए नई दरें बाद में घोषित होंगी, 8 अप्रैल से पहले जारी टिकटों पर नई दर लागू नहीं होगी, जब तक यात्रा की तारीख या रूट नहीं बदला जाता।