NSE-लिस्टेड कंपनी Advait Energy Transitions Ltd की सहायक कंपनी Advait Greenergy ने गुजरात के मेहसाणा में 30 MW की अल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइज़र असेंबली फ़ैसिलिटी का उद्घाटन किया है। इस फ़ैसिलिटी को एक स्केलेबल प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर डिज़ाइन किया गया है, जिसका लक्ष्य 2026 के आखिर तक इसकी क्षमता को 30 MW से बढ़ाकर 100 MW, 2027 तक 300 MW, और आखिरकार 1 GW की सालाना मैन्युफ़ैक्चरिंग क्षमता तक पहुँचाना है। विस्तार का यह मॉड्यूलर तरीका, खाद, रिफ़ाइनिंग, स्टील मैन्युफ़ैक्चरिंग और भारी परिवहन जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में ग्रीन हाइड्रोजन की बढ़ती माँग को पूरा करने में मदद करेगा।
भारत का National Green Hydrogen Mission, जिसका लक्ष्य 2030 तक सालाना 5 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है, उसने हाइड्रोजन वैल्यू चेन में बड़े पैमाने पर निवेश को बढ़ावा दिया है। रिन्यूएबल बिजली उत्पादन से लेकर इलेक्ट्रोलाइज़र मैन्युफ़ैक्चरिंग और हाइड्रोजन के इस्तेमाल तक उद्योग के कई क्षेत्र तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। मेहसाणा में Advait Greenergy की फ़ैसिलिटी, इस नीतिगत ढाँचे के प्रति शुरुआती औद्योगिक-स्तर की प्रतिक्रियाओं में से एक है, जो बड़े पैमाने पर हाइड्रोजन उत्पादन के लिए ज़रूरी इलेक्ट्रोलाइज़र सिस्टम की घरेलू असेंबली क्षमता स्थापित करती है।
Advait Greenergy ने कहा “पिछले एक दशक में गुजरात ने रिन्यूएबल एनर्जी कॉरिडोर, बंदरगाह कनेक्टिविटी और लंबे समय से चली आ रही नीतिगत स्थिरता की मदद से एक मज़बूत औद्योगिक ढाँचा तैयार किया है। इन कारकों ने सोलर मैन्युफ़ैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज, रिन्यूएबल एनर्जी के विकास और अब हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित किया है, जिससे गुजरात भारत की उभरती हुई स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था के लिए एक मुख्य केंद्र बन गया है। Advait की मेहसाणा फ़ैसिलिटी इसी बड़े इकोसिस्टम का हिस्सा है, जो टेक्नोलॉजी कंपनियों और औद्योगिक साझेदारों, दोनों की भागीदारी को लगातार आकर्षित कर रहा है।”
Advait Greenergy को इलेक्ट्रोलाइज़र मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) प्रोग्राम के तहत 300 MW क्षमता के लिए चुना गया है, और मंज़ूरी मिली है, साथ ही कंपनी 100 MW के ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट में भी हिस्सा ले रही है।
हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी के अलावा Advait Energy Transitions कई क्लीन एनर्जी सेक्टर में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रही है। कंपनी के पास अभी 200 MW से ज़्यादा के सोलर EPC प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
Advait Greenergy के पास अभी 400 MWh से ज़्यादा के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट भी डेवलपमेंट के दौर में हैं। इसके अलावा कंपनी 2.5 GWh की BESS मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी लगा रही है, जिसके 2026 में चालू होने की उम्मीद है।
Advait Greenergy Pvt. Ltd. के डायरेक्टर शालिन सेठ Shalin Sheth ने कहा “गुजरात ने हमेशा उन जगहों पर अगुवाई की है, जहाँ भारत को सबसे पहले पहुँचने की ज़रूरत थी। टेक्सटाइल से लेकर पेट्रोकेमिकल्स और रिन्यूएबल्स तक, इस राज्य ने कभी भविष्य का इंतज़ार नहीं किया — इसने भविष्य को खुद बनाया है। जब हमने अपनी इलेक्ट्रोलाइज़र फ़ैसिलिटी के लिए मेहसाणा को चुना, तो हम सिर्फ़ एक जगह नहीं चुन रहे थे। हम एक ऐसे मैन्युफ़ैक्चरिंग इकोसिस्टम पर अपना भरोसा जता रहे थे, जिसने बार-बार यह साबित किया है, कि वह बड़े पैमाने पर उत्पादन कर सकता है। Advait को इस विरासत का हिस्सा होने पर गर्व है।”
Advait Greenergy Pvt. Ltd. के मैनेजिंग डायरेक्टर वत्सल कुंडालिया Vatsal Kundalia ने कहा “भारत को एक ग्लोबल मैन्युफ़ैक्चरिंग लीडर बनाने का प्रधानमंत्री मोदी का विज़न, गुजरात में ही सबसे मज़बूती से साकार होता दिख रहा है। राज्य की औद्योगिक गहराई, इसकी स्पष्ट नीतियाँ और इसकी महत्वाकांक्षाएँ — ठीक वही चीज़ें हैं, जिनकी इलेक्ट्रोलाइज़र मैन्युफ़ैक्चरिंग जैसी तकनीक को, सिर्फ़ वादों से आगे बढ़कर असल उत्पादन तक पहुँचने के लिए ज़रूरत होती है। मेहसाणा में Advait की फ़ैसिलिटी, उस विज़न में हमारा योगदान है, और हमें विश्वास है, कि ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी गुजरात की भूमिका वैसी ही होगी जैसी वह पहले ही सोलर एनर्जी के क्षेत्र में निभा चुका है: यानी वह राज्य जिसने पूरे भारत को यह दिखाया कि काम कैसे किया जाता है।”