Aditya Birla Fashion and Retail Limited (ABFRL) ने FY26 की चौथी तिमाही में मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की है, जिसमें Pantaloons और एथनिक वियर कारोबार का बड़ा योगदान रहा। हालांकि, बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन के बावजूद कंपनी का वार्षिक घाटा काफी बढ़ गया।
भारत की प्रमुख फैशन और लाइफस्टाइल कंपनियों में से एक Aditya Birla Fashion and Retail Limited (ABFRL) ने सोमवार को FY26 की चौथी तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के नतीजों की घोषणा की। कंपनी ने कई कारोबार क्षेत्रों में अच्छी राजस्व वृद्धि दर्ज की, लेकिन बढ़ते खर्च और निवेश के कारण मुनाफे पर दबाव बना रहा।
मार्च 2026 में समाप्त तिमाही में ABFRL का समेकित शुद्ध घाटा ₹163.81 करोड़ रहा। हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹170.64 करोड़ के घाटे की तुलना में थोड़ा बेहतर रहा।
इसके बावजूद पूरे वित्तीय वर्ष में कंपनी का कुल घाटा काफी बढ़ गया। FY26 में ABFRL का समेकित शुद्ध घाटा ₹829.89 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹455.82 करोड़ की तुलना में लगभग 82 प्रतिशत अधिक है।
मुनाफे पर दबाव के बावजूद कंपनी ने तिमाही के दौरान मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की।
Q4 FY26 में संचालन से कंपनी की आय साल-दर-साल 15.7 प्रतिशत बढ़कर ₹1,990.13 करोड़ हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹1,719.48 करोड़ थी।
पूरे FY26 में कंपनी का कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹8,176.92 करोड़ रहा, जो उसके विभिन्न फैशन ब्रांड्स और रिटेल कारोबार में लगातार बनी मांग को दर्शाता है।
इस वृद्धि में मुख्य योगदान कंपनी के वैल्यू फैशन, एथनिक वियर और डिजिटल कॉमर्स कारोबार का रहा।
ABFRL की लोकप्रिय फैशन रिटेल चेन Pantaloons तिमाही प्रदर्शन में सबसे मजबूत योगदानकर्ताओं में से एक रही।
Q4 FY26 में Pantaloons कारोबार से आय 18.5 प्रतिशत बढ़कर ₹1,048.26 करोड़ पहुंच गई। पूरे वित्तीय वर्ष में इस ब्रांड ने ₹4,560.49 करोड़ का राजस्व योगदान दिया।
Pantaloons भारत के वैल्यू फैशन सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है और मध्यम वर्ग तथा युवा ग्राहकों को किफायती फैशन उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।
कंपनी की विस्तार रणनीति और फैशन रिटेल में बढ़ती उपभोक्ता मांग ने Pantaloons को लगातार मजबूत प्रदर्शन करने में मदद की।
Pantaloons के अलावा ABFRL के एथनिक वियर और अन्य कारोबारों ने भी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया।
इस सेगमेंट से आय बढ़कर ₹950.21 करोड़ हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹846.99 करोड़ थी।
भारत में एथनिक और अवसर आधारित परिधानों की बढ़ती लोकप्रियता, खासकर युवा ग्राहकों के बीच, इस वृद्धि का प्रमुख कारण रही। ABFRL लगातार अपने एथनिक वियर पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए निवेश कर रहा है।
ABFRL ने EBITDA यानी ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय में मजबूत सुधार दर्ज किया।
Q4 FY26 में कंपनी का EBITDA ₹311 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 57 प्रतिशत अधिक है। यह बेहतर ऑपरेशनल दक्षता और मजबूत कारोबारी प्रदर्शन को दर्शाता है।
कंपनी ने इस सुधार का श्रेय बेहतर रिटेल बिक्री, इन्वेंटरी मैनेजमेंट और हाई-ग्रोथ कैटेगरी के मजबूत योगदान को दिया।
कंपनी ने डिजिटल कारोबार में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की।
ABFRL के अनुसार उसका ई-कॉमर्स चैनल साल-दर-साल 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ा। इस वृद्धि के पीछे बेहतर ओमनी-चैनल सुविधाएं और तेज डिलीवरी सिस्टम प्रमुख कारण रहे।
कंपनी ऑनलाइन और ऑफलाइन शॉपिंग अनुभव को बेहतर तरीके से जोड़ने पर लगातार काम कर रही है ताकि बदलती उपभोक्ता जरूरतों को पूरा किया जा सके।
भारत में डिजिटल शॉपिंग के बढ़ते चलन को देखते हुए कंपनी आगे भी टेक्नोलॉजी और ग्राहक अनुभव में निवेश जारी रख सकती है।
FY26 के दौरान ABFRL ने अपने रिटेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार जारी रखा।
कंपनी ने पूरे वित्तीय वर्ष में 180 से अधिक नए स्टोर्स जोड़े, जिनमें से लगभग 120 स्टोर्स केवल FY26 की दूसरी छमाही में खोले गए।
यह विस्तार रणनीति महानगरों के साथ-साथ टियर-2 और उभरते शहरों में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने पर केंद्रित है।
कंपनी का मानना है कि फैशन और लाइफस्टाइल सेगमेंट में फिजिकल स्टोर्स अभी भी ग्राहक अनुभव और ब्रांड विजिबिलिटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
हाल ही में ABFRL ने अपनी सहायक कंपनी Indivinity Clothing Retail Private Limited में हिस्सेदारी बढ़ाकर 85.54 प्रतिशत से 89.29 प्रतिशत कर दी।
कंपनी ने राइट्स इश्यू के जरिए 3.65 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयर खरीदे।
Indivinity Clothing Retail, ABFRL के पुरुष एथनिक वियर ब्रांड Tasva का संचालन करती है, जो खास अवसरों और समारोहों के परिधानों पर केंद्रित है।
तिमाही के दौरान Tasva की बिक्री में 33 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की गई। इसके पीछे:
जैसे कारण शामिल रहे।
मार्च 2026 में ABFRL ने भविष्य की रणनीति को मजबूत करने के लिए कई बड़े नेतृत्व बदलावों की घोषणा की।
मुख्य नियुक्तियां:
इन बदलावों का उद्देश्य कंपनी की संचालन क्षमता, विस्तार योजनाओं और लंबे समय की विकास रणनीति को मजबूत करना है।
वार्षिक घाटा बढ़ने के बावजूद ABFRL अपने बाजार विस्तार, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और ब्रांड निवेश पर लगातार ध्यान दे रही है।
कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते फैशन और लाइफस्टाइल बाजार को लेकर आशावादी है, खासकर वैल्यू फैशन, एथनिक वियर और प्रीमियम अवसर आधारित परिधानों के क्षेत्रों में।
बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन, बढ़ती डिजिटल बिक्री और लगातार स्टोर विस्तार के जरिए ABFRL भारतीय रिटेल बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाने की दिशा में काम कर रही है।