प्रमुख एनर्जी सेक्टर की कंपनी Adani Energy Solutions Ltd ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के अपने ऑपरेशनल प्रदर्शन की जानकारी दी, जिसमें ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और स्मार्ट मीटरिंग तीनों सेगमेंट में मजबूत प्रगति देखने को मिली। अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने इस तिमाही में अपना दूसरा हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चालू किया और साथ ही 1 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर इंस्टॉल करने का बड़ा लक्ष्य भी हासिल कर लिया।
जिसकी वजह से शुक्रवार को स्टॉक में भारी उछाल देखने को नजर आया। स्टॉक दिन के दौरान करीब 7% से अधिक उछल कर 1057.40 रुपए के लेवल पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.29.654 करोड़ रुपए है। आइए इसे और विस्तार से समझते हैं।
कंपनी ने इस तिमाही के दौरान मुंबई HVDC प्रोजेक्ट को चालू किया, जिससे शहर की ट्रांसमिशन क्षमता में 1,000 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई। यह प्रोजेक्ट बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के साथ-साथ ग्रिड की स्थिरता को भी बेहतर बनाता है। इसके जरिए क्लाइमेट एक्शन और साफ ऊर्जा के लक्ष्यों को भी मजबूती मिलती है, जिससे भविष्य में बिजली सप्लाई और ज्यादा भरोसेमंद होगी।
Adani Energy Solutions ने साउथ कलांब सबस्टेशन के लिए नेटवर्क विस्तार का नया प्रोजेक्ट भी हासिल किया। इसके साथ ही कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़कर 27,949 सर्किट किलोमीटर हो गया। तिमाही के दौरान औसत सिस्टम उपलब्धता 99.77% रही, जो कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल क्षमता को दर्शाता है।
अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड (AEML) ने Q4 FY26 में डिस्ट्रीब्यूशन लॉस घटाकर 4.20% कर दिया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 4.31% था। बिजली सप्लाई की विश्वसनीयता 99.997% तक पहुंच गई। SAIDI और SAIFI जैसे सिस्टम इंडिकेटर बेहतर हुए, जबकि CAIDI में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मुंबई में बिजली की बिक्री 4% बढ़कर 2,508 मिलियन यूनिट हो गई, जो एक साल पहले 2,413 मिलियन यूनिट थी। कलेक्शन एफिशिएंसी 101.70% रही। वहीं मुंद्रा स्थित MPSEZ Utilities Ltd (MUL) में इंडस्ट्रियल डिमांड के कारण बिक्री 46% बढ़कर 368 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई।
कंपनी ने स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में 1 करोड़ इंस्टॉलेशन का लक्ष्य पार कर लिया। इसकी ऑर्डर बुक 2.46 करोड़ मीटर की है, जिससे 29,519 करोड़ रुपए का संभावित रेवेन्यू बन सकता है। भारत में अभी भी 103 मिलियन स्मार्ट मीटर का बड़ा अनछुआ बाजार मौजूद है, जो भविष्य में ग्रोथ का बड़ा अवसर है।
पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी का ट्रांसमिशन नेटवर्क 26,696 सर्किट किमी से बढ़कर 27,949 सर्किट किमी हो गया। पावर ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 90,236 MVA से बढ़कर 1,23,175 MVA तक पहुंच गई। सालभर में औसत सिस्टम उपलब्धता 99.70% रही, जो पिछले साल 99.68% थी। मुंबई डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में सप्लाई रिलायबिलिटी 99.998% हो गई, जो पहले 99.996% थी। ट्रांसमिशन उपलब्धता 99.47% रही। साल के दौरान पीक डिमांड 2,171 MW रही, जो पिछले साल 2,300 MW थी।
SAIFI घटकर 0.42 हो गया, जो पहले 0.67 था। SAIDI घटकर 12.91 मिनट रह गया, जबकि पहले 21.27 मिनट था। CAIDI भी थोड़ा सुधरकर 30.82 मिनट हो गया, जो पहले 31.58 मिनट था।
ग्राहक शिकायतों में बड़ी गिरावट आई और यह संख्या 5,68,037 से घटकर 3,99,049 रह गई। कस्टमर बेस बढ़कर 3.27 मिलियन हो गया, जो पहले 3.18 मिलियन था। कलेक्शन एफिशिएंसी 100.54% रही और डिस्ट्रीब्यूशन लॉस घटकर 4.21% हो गया।
कुल कलेक्शन में ई-पेमेंट का हिस्सा बढ़कर 85.50% हो गया, जो पहले 83.34% था। यह दिखाता है, कि ग्राहक तेजी से डिजिटल पेमेंट अपना रहे हैं।
FY26 में मुंबई में बिजली बिक्री लगभग स्थिर रही और 10,584 मिलियन यूनिट दर्ज की गई, जबकि पिछले साल 10,558 मिलियन यूनिट थी। वहीं MUL में बिक्री बढ़कर 1,375 मिलियन यूनिट हो गई, जो पहले 948 मिलियन यूनिट थी।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का स्टॉक इस सप्ताह करीब 23% की बढ़त के साथ अपने नए 52 सप्ताह के उच्च स्तर 1160 रुपए के लेवल पर पहुंच गया।