एयरपोर्ट से घर या शहर तक पहुंचने में यात्रियों को अब ज्यादा सुविधा मिलने वाली है, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और भारत टैक्सी के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत देश के कई हवाई अड्डों पर व्यवस्थित, पारदर्शी और यात्री के हितों को ध्यान में रखते हुए टैक्सी सेवाएं शुरू की जाएंगी, इस पहल का मकसद यात्रियों को बिना सरचार्ज के भरोसेमंद सफर देना और ड्राइवरों को सशक्त बनाना है, अब तक Ola, Uber, Rapido जैसी राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म ही इस सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में नाम में शामिल हैं, मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन होने के बाद ग्राहकों को एक और विकल्प मिलेगा।
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भारत टैक्सी के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, इस समझौते के तहत एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी, इस MoU का आदान-प्रदान AAI के चेयरमैन विपिन कुमार ने किया, इसका उद्देश्य एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रियों को सुरक्षित, आसान और पारदर्शी टैक्सी सेवा देना है।
भारत टैक्सी एक ड्राइवर की स्वामित्व वाली सहकारी टैक्सी सेवा है, जिसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड संचालित करता है, यह सेवा पारंपरिक ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं से अलग है, क्योंकि इसमें कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं होती, यानी यात्रियों को तय और उचित किराया देना होगा, साथ ही इस मॉडल में ड्राइवरों को मालिकाना हक और बेहतर कल्याण सुविधाएं मिलती हैं।
इस साझेदारी के तहत राजकोट, वडोदरा, सूरत, भुज, पुणे, औरंगाबाद, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज और आगरा के एयरपोर्ट पर भारत टैक्सी सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव है, यह पहल आत्मनिर्भर भारत, सहकार से समृद्धि और विकसित भारत 2047 जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है, इससे न केवल यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय ड्राइवरों को भी रोजगार और सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिलेगा।
फिलहाल भारत का राइड-हेलिंग बाजार Uber, Ola और Rapido जैसी प्राइवेट कंपनियों के कंट्रोल में है, भारत टैक्सी को एक स्वदेशी और ड्राइवर-ओन्ड विकल्प के तौर पर उतारा गया है, जो विदेशी निवेश आधारित प्लेटफॉर्म्स को सीधी चुनौती देगा, यह प्लेटफॉर्म Multi-State Cooperative Societies Act 2002 के तहत रजिस्टर्ड है, और इसकी शुरूआत 6 जून 2025 को की गई थी।
भारत टैक्सी एक सरकारी राइड-हेलिंग सर्विस है, जिसे हाल ही में भारत के कुछ खास हिस्सों में लॉन्च किया गया है। हालांकि यह सर्विस पिछले साल के आखिर से बीटा में चल रही है, लेकिन इसे 5 फरवरी 2026 को केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली जैसे शहरों में सभी के लिए ऑफिशियली शुरू किया।
ओला और उबर जैसे पुराने प्लेटफॉर्म के उलट, भारत टैक्सी एक कोऑपरेटिव मॉडल पर काम करता है। भारत टैक्सी में ड्राइवरों को अक्सर सारथी कहा जाता है। यह प्लेटफॉर्म ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लेता है, जिससे वे अपनी राइड की कमाई का 100 परसेंट अपने पास रख सकते हैं। हालांकि ड्राइवरों को इसे इस्तेमाल करने के लिए थोड़ी सी रकम – रिपोर्ट्स के मुताबिक यह लगभग Rs 30 प्रति दिन देनी होती है।
गृह मंत्री अमित शाह Amit Shah ने कहा कि भारत टैक्सी “ड्राइवरों को मुनाफ़े का मालिक बनाती है, और उन्हें इज़्ज़त और गरिमा देती है।”