भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कंपनियां दुबई AI फेस्टिवल 2026 में अपनी स्वदेशी तकनीकों और डिजिटल समाधानों को पेश कर रही हैं। इस आयोजन में भारत की बढ़ती AI क्षमताओं को प्रदर्शित किया जा रहा है, जिनमें AI के लिए कंप्यूटिंग ढांचा, कारोबार में स्वचालन, साइबर सुरक्षा और बुद्धिमान कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह भागीदारी दिखाती है कि भारतीय तकनीकी कंपनियां अलग-अलग उद्योगों की जरूरतों के अनुसार नए समाधान विकसित कर रही हैं और वैश्विक बाजारों में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
26 और 27 अक्टूबर को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में तकनीकी कंपनियां, निवेशक, नीति-निर्माता और उद्योग विशेषज्ञ एक साथ जुटे हैं। “Where Intelligence Meets Opportunity” यानी “जहां बुद्धिमत्ता और अवसर मिलते हैं” विषय पर आधारित यह फेस्टिवल AI में नवाचार, निवेश और विभिन्न उद्योगों में नई तकनीकों को अपनाने की संभावनाओं पर केंद्रित है।
दुबई AI फेस्टिवल भारतीय तकनीकी कंपनियों को अपनी क्षमताएं दिखाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर तलाशने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इस आयोजन के माध्यम से कंपनियां अपने उत्पादों और सेवाओं को वैश्विक कारोबार जगत के सामने प्रस्तुत कर सकती हैं।
फेस्टिवल के कार्यक्रम में AI के नियमन और जिम्मेदार इस्तेमाल, कारोबार में बदलाव, कंप्यूटिंग ढांचे, नैतिक AI, निवेश और अलग-अलग क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक उपयोग जैसे विषय शामिल हैं। इन विषयों पर चर्चा का उद्देश्य यह समझना है कि AI का उपयोग किस तरह नवाचार को बढ़ावा दे सकता है, कामकाज को अधिक प्रभावी बना सकता है और आर्थिक विकास में योगदान दे सकता है।
इस फेस्टिवल का आयोजन दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) Dubai International Financial Centre (DIFC) की कारोबारी और तकनीकी पहल दुबई AI कैंपस द्वारा किया गया है। इसमें संयुक्त अरब अमीरात के कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल अर्थव्यवस्था और दूरस्थ कार्य अनुप्रयोगों से जुड़े राज्य मंत्री के साथ साझेदारी भी शामिल है।
वर्ष 2026 में इस आयोजन का तीसरा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। इसमें तकनीक और कारोबार जगत के प्रतिभागी एकत्र होकर AI के प्रभाव, नए व्यावसायिक अवसरों और विभिन्न क्षेत्रों में इसके बढ़ते इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं।
भारत की भागीदारी का प्रमुख आकर्षण भारत मंडप (Bharat Pavilion) है, जहां 23 भारतीय कंपनियां अपनी विकसित तकनीकों और डिजिटल समाधानों का प्रदर्शन कर रही हैं। ये समाधान कारोबार से लेकर औद्योगिक गतिविधियों तक, कई तरह की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किए गए हैं।
सोमवार को दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने भारत मंडप का उद्घाटन किया। इस मंडप में शामिल कंपनियां AI की पूरी तकनीकी शृंखला से जुड़े उत्पाद पेश कर रही हैं। इसमें AI मॉडल विकसित करने और उन्हें चलाने के लिए आवश्यक कंप्यूटिंग ढांचे से लेकर विशेष कारोबारी जरूरतों को पूरा करने वाले सॉफ्टवेयर और अनुप्रयोग शामिल हैं।
भारत का AI क्षेत्र अब केवल सॉफ्टवेयर विकास तक सीमित नहीं है। इसमें कंप्यूटिंग ढांचा उपलब्ध कराने वाली कंपनियां, कारोबार के लिए सॉफ्टवेयर बनाने वाले उद्यम, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और AI आधारित व्यावसायिक समाधान विकसित करने वाली कंपनियां भी शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने इन तकनीकों को प्रस्तुत करके भारतीय कंपनियां यह दिखाना चाहती हैं कि उनके समाधान विभिन्न देशों और उद्योगों में काम करने वाले व्यवसायों की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।
भारत मंडप में AI कंप्यूटिंग ढांचा भी प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है। इसमें भाग लेने वाली कंपनियां AI के अनुकूल कंप्यूटिंग सिस्टम, GPU क्लाउड सेवाएं, डेटा सेंटर से जुड़ी सुविधाएं और उद्यमों के लिए क्लाउड प्रबंधन मंच पेश कर रही हैं।
इन तकनीकों से AI मॉडल को प्रशिक्षित करने, उन्हें चलाने और उनका प्रबंधन करने के लिए जरूरी कंप्यूटिंग शक्ति और डिजिटल सुविधाएं मिलती हैं। जैसे-जैसे कंपनियां अपने कामकाज में AI का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं, वैसे-वैसे उन्हें अधिक क्षमता वाले कंप्यूटिंग संसाधनों और भरोसेमंद क्लाउड सेवाओं की जरूरत पड़ रही है।
भारतीय कंपनियां इस फेस्टिवल के जरिए ऐसे समाधान दिखा रही हैं, जो संस्थानों को AI आधारित अनुप्रयोग विकसित करने, कंप्यूटिंग संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और अपनी डिजिटल क्षमताओं का विस्तार करने में मदद कर सकते हैं।
यह भागीदारी इस बात को भी सामने लाती है कि AI को व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए केवल कंप्यूटिंग शक्ति पर्याप्त नहीं है। इसके साथ उपयोगी सॉफ्टवेयर और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप समाधान भी जरूरी हैं।
कंप्यूटिंग ढांचे के अलावा, भारतीय कंपनियां ऐसे AI अनुप्रयोग भी प्रदर्शित कर रही हैं, जो कारोबार की प्रक्रियाओं, ग्राहक सेवाओं और रोजमर्रा के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
इन समाधानों में कई उभरती तकनीकें शामिल हैं।
कंप्यूटर विजन और वीडियो विश्लेषण: ऐसे उपकरण, जो तस्वीरों और वीडियो से जानकारी निकालने तथा गतिविधियों पर वास्तविक समय में नजर रखने में मदद करते हैं।
वॉइस AI और बहुभाषी तकनीक: ऐसे सिस्टम, जो अलग-अलग भाषाओं में आवाज के जरिए बातचीत और सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक हैं।
AI एजेंट और कारोबारी स्वचालन: ऐसे अनुप्रयोग, जो वित्त, संचालन और नियमित कारोबारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने में मदद करते हैं।
विपणन और ग्राहक जुड़ाव: AI आधारित मंच, जो ग्राहकों से संवाद बेहतर बनाने और विपणन गतिविधियों को स्वचालित करने में उपयोगी हैं।
पूर्वानुमान आधारित विश्लेषण: ऐसे समाधान, जो आंकड़ों में मौजूद रुझानों को पहचानकर कारोबार से जुड़े फैसले लेने में सहायता करते हैं।
दस्तावेजों का बुद्धिमान प्रसंस्करण: ऐसी तकनीकें, जो कारोबारी दस्तावेजों से जानकारी निकालने, व्यवस्थित करने और उसे संसाधित करने में मदद करती हैं।
साइबर सुरक्षा और डिजिटल पहचान: ऐसे उपकरण, जो डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा और उपयोगकर्ताओं की पहचान की पुष्टि पर ध्यान देते हैं।
AI नियमन और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग: ऐसे मंच, जो AI के जिम्मेदार प्रबंधन और तकनीकी विकास में सहायक होते हैं।
इन तकनीकों की विविधता दिखाती है कि भारतीय कंपनियां AI के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के साथ-साथ रोजमर्रा की व्यावसायिक समस्याओं के समाधान पर भी काम कर रही हैं।
भारत मंडप की भागीदारी को दूरसंचार उपकरण एवं सेवा निर्यात संवर्धन परिषद (TEPC) Telecom Equipment and Services Export Promotion Council (TEPC) की ओर से सुविधाजनक बनाया जा रहा है। यह भारत सरकार से जुड़ा एक संगठन है, जो दूरसंचार उपकरणों और सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देता है।
TEPC भारतीय निर्यातकों और सरकारी विभागों के साथ मिलकर काम करता है। इसका उद्देश्य घरेलू कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सहयोग देना और विदेशी बाजारों में कारोबार के अवसर तलाशने में मदद करना है।
इस आयोजन में परिषद की भूमिका भारतीय कंपनियों को संभावित ग्राहकों, निवेशकों और व्यावसायिक भागीदारों के सामने अपनी तकनीकें प्रस्तुत करने का अवसर देती है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम कंपनियों को उद्योग जगत से संपर्क बनाने, बाजार की जरूरतों को समझने और दूसरे देशों के साथ कारोबारी सहयोग की संभावनाएं तलाशने में भी मदद कर सकते हैं।
भारतीय प्रदर्शकों को भरोसा है कि भारत में विकसित AI तकनीकें अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार की जरूरतों को पूरा कर सकती हैं। यह फेस्टिवल उन्हें संभावित ग्राहकों से जुड़ने, नई साझेदारियां तलाशने और अपने उत्पादों व सेवाओं को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर देता है।
निवेशकों और उद्योग जगत के प्रमुख लोगों के साथ सीधा संवाद कंपनियों को नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान करने में भी मदद कर सकता है।
दुबई पश्चिम एशिया में एक प्रमुख कारोबारी और तकनीकी केंद्र के रूप में जाना जाता है। ऐसे में यह आयोजन उन भारतीय कंपनियों के लिए उपयोगी मंच है, जो मध्य पूर्व और दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपना कारोबार बढ़ाना चाहती हैं।
भारतीय तकनीकी कंपनियों के लिए इस फेस्टिवल में भाग लेना अपने स्वदेशी AI समाधानों की उपयोगिता दिखाने और वैश्विक तकनीकी उद्योग में अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर भी है।
दुबई AI फेस्टिवल 2026 में भारत की भागीदारी देश के तेजी से विकसित हो रहे AI उद्योग और स्वदेशी तकनीकों की बढ़ती विविधता को सामने लाती है। भारत मंडप में 23 कंपनियां कंप्यूटिंग ढांचे, कारोबारी स्वचालन, साइबर सुरक्षा और बुद्धिमान डिजिटल अनुप्रयोगों से जुड़े समाधान प्रदर्शित कर रही हैं।
यह आयोजन भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय संपर्क बनाने, नए बाजारों की संभावनाएं तलाशने और व्यावसायिक साझेदारियां विकसित करने का मंच देता है। इससे भारत के AI तंत्र को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने और अलग-अलग उद्योगों की जरूरतों के लिए उपयोगी समाधान पेश करने के नए अवसर मिल सकते हैं।