ट्रेडिंग क्या है और यह कितने प्रकार की होती है?

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24 Nov 2023
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Trading, यह शब्द ज्यादातर स्टॉक मार्केट में नए लोगों को परेशान करता है। आज कई small retailers स्टॉक मार्केट में है जो trading और investment में अंतर नहीं समझ पाते हैं। Trading को आसान शब्दों में समझें तो हिंदी में इसे " व्यापार " कहा जाता है।

यानी कि किसी वस्तु या सेवा का आदान प्रदान करके मुनाफा कमाना। Trading का मतलब (Buy & Sell) होता है जिसे हम खरीदना और बेचना भी कहते हैं। किसी भी चीज़ को खरीद कर उसे मुनाफे में बेचना उसे ट्रेडिंग कहा जाता है। आप स्टॉक मार्केट Stock Market में भी ट्रेडिंग कर सकते है।

स्टॉक मार्केट में शेयर को खरीद या बेच कर पैसे कमा सकते हैं। किसी भी शेयर को कम कीमत में खरीदना और उसे ज्यादा कीमत में बेचना ट्रेडिंग है।

Share Market में trading प्रकार की होती है- Intraday Trading, Scalping Trading, Swing Trading, Positional Trading, Arbitrage Trading मुख्य रूप से ट्रेडिंग में लोग सबसे ज्यादा शेयर पर ट्रेडिंग करते है और स्टॉक पर ट्रेडिंग करके एक ही दिन में लाखों रूपये तक कमा लेते हैं। 

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आज के समय में हर कोई अतिरिक्त आय extra income के बारे में सोचता रहता है और extra कमाई के लिए वह अपने बचे हुए समय में अपने घर पर या कहीं से भी अपने मोबाइल, लैपटॉप से एक्स्ट्रा कमाई करता है।

बाज़ार में कम समय के अन्दर मुनाफा कमाने के लिए लोग ट्रेडिंग Trading करते है और यह Trading कई तरह की चीजों पर की जाती है, मुख्य रूप से ट्रेडिंग में लोग सबसे ज्यादा शेयर पर ट्रेडिंग करते है और स्टॉक पर ट्रेडिंग करके एक ही दिन में लाखों और हजारों रूपये कमा लेते हैं।

मोबाइल में उपलब्ध ऐसे App जिनके द्वारा आप शेयर बाजार में Invest कर सकते हैं उसे Trading App कहते हैं। आप लोग भी अक्सर ट्रेडिंग से ढेर सारे पैसे कमाने के बारे में सुनते रहते होंगे और आपने भी ट्रेडिंग शब्द जरूर सुना होगा। आखिर क्या है Trading का मतलब और ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है?

यदि आप भी ट्रेडिंग के द्वारा हजारों या लाखों रूपये कमाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको ट्रेडिंग को अच्छे से समझना होगा तो आइये जानते हैं Trading ट्रेडिंग क्या है और Trading कितने प्रकार की होती है?

ट्रेडिंग क्या है? हिंदी में जानिये। What is Trading in Hindi?

यदि आसान शब्दों में Trading को समझें तो इसका मतलब " व्यापार " होता है। मतलब making a profit by exchanging goods or service किसी वस्तु या सेवा का आदान प्रदान करके मुनाफा कमाना। Stock Market Trading भी ऐसे ही होता है, जैसे हम किसी वस्तु को खरीद करके और उसकी बिक्री करके मुनाफा कमाते हैं। मतलब ट्रेडिंग का मुख्य मकसद किसी भी वस्तु या सेवा को खरीद व बेच कर कम समय में मुनाफा कमाना होता है।

ठीक वैसे ही स्टॉक मार्केट में किसी वस्तु की नहीं बल्कि कंपनियों के शेयर की खरीद और बिक्री करके buying and selling shares of companies मुनाफा कमाया जाता है। यानि Trading में हम शेयर मार्केट से शेयर को खरीदने और बेचने का काम Buy and sell shares from the stock market करते हैं।

यहाँ हम शेयर को stock exchange से कम price पर खरीदते हैं और फिर उस शेयर की price हाई होने पर उसे sell बेच देते हैं।

Trading, Share Market में सबसे ज्यादा की जाती है और लोग हर रोज शेयर पर ट्रेडिंग करके हजारों और लाखों रूपये कमा लेते हैं। ट्रेडिंग की समय अवधि 1 साल की होती है। मतलब यह हुआ कि 1 साल के अंदर शेयर को खरीदना और बेचना है।

यदि आप एक साल के बाद शेयर को बेचते हैं तो यह निवेश Investment कहलाता है। Trading को काफी रिस्की कहा जाता है इसमें यह कोई नहीं जानता कि कुछ समय बाद शेयर के भाव में क्या मूवमेंट आयेगा।

क्योंकि शेयर के भाव में कभी तेजी दिखाई देगी तो कभी शेयर के भाव में मंदी देखने को मिल सकती है। शेयर मार्केट में ट्रेडिंग अलग-अलग प्रकार की होती है और ट्रेडर trader अपनी सुविधा और जोखिम के अनुसार ट्रेडिंग करते हैं।

भारत के सबसे अच्छे ट्रेडिंग ऐप Best Trading Apps In India

आज के समय में मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से ट्रेडिंग करना बहुत ही आसान और सरल है। अगर आप ट्रेडिंग करना चाहते हैं Upstox App, Groww, Zerodha आदि एप्लीकेशन की मदद से आसानी ट्रेडिंग कर सकते हैं। भारत के सबसे अच्छे ट्रेडिंग एप्प निम्न हैं –

  • Angel One By Angel Broking (एंजेल वन बाय एंजेल ब्रोकिंग)

  • Upstox Trading App (अपस्टॉक्स ट्रेडिंग एप्प)

  •  Zerodha Trading App (ज़ेरोधा किट ट्रेडिंग एप्प)

  • Groww Invesment App (ग्रो इन्वेस्टमेंट एप्प)

शेयर मार्केट ट्रेडिंग Stock Market Trading

शेयर मार्केट ट्रेडिंग को उदाहरण द्वारा समझते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर हम share market में शेयर खरीद रहे हैं तो हमारे जैसे कोई अन्य व्यक्ति होगा जो उन शेयर को बेच रहा होगा।

चलिए इसे अब अपने डेली लाइफ से जोड़ कर देखते हैं जैसे आपने होलसेल स्टोर से कोई सामान ₹100 का खरीदा और उसे बाद में ₹120 का कस्टमर को बेच दिया और आप इसी तरह से रोज कस्टमर को सामान बेचते हैं तो इसे ट्रेडिंग कहा जाता है।

ठीक इसी तरह शेयर मार्केट में भी होता है। शेयर मार्केट में यदि आप शेयर को खरीदते हैं और 1 साल के अंदर खरीदे हुए शेयर को प्राइस बढ़ने के बाद बेच देते है तो यह Stock Market Trading कहलाता है।

ठीक ऐसे ही इस उदाहरण से भी समझते हैं जैसे आप शेयर मार्केट में से SBI का 1 share खरीदना चाहते हैं और मार्केट के 9:15 AM पर खुलते ही शेयर की कीमत 90 रूपए रहती है और दिन में 1 PM तक शेयर की price 100 रूपए हो जाती है।

यदि आप शेयर को सुबह खरीद लेते तो 90 रूपए का आपको 1 शेयर मिलता जिसे आप 100 रूपए में बेच सकते थे और ऐसा करने पर आपको 10 रूपए का मुनाफा होता जो कि आपका profit होता बस इस पूरी प्रक्रिया को ट्रेडिंग कहते हैं। Trading को काफी रिस्की कहा जाता है। 

ट्रेडिंग के 5 प्रकार कौन से हैं? Five Types of Trading 

ट्रेडिंग के प्रति उत्साही लोगों के लिए शेयर बाजार अवसरों का एक महासागर है। यह बहुत ही आकर्षक है अगर रणनीतिक और अच्छी तरह से पालन किया जाए। चूंकि प्रत्येक व्यापारी का एक अद्वितीय व्यक्तित्व होता है, इसलिए व्यापार शैली एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकती है।

निम्नलिखित पांच ट्रेडिंग शैलियाँ हैं। इनमे से आप वह वह चुनें जो आपके मनोविज्ञान से मेल खाता हो।

  1. Intraday Trading

  2. Scalping Trading

  3. Swing Trading

  4. Positional Trading

  5. Arbitrage Trading

1- इंट्राडे ट्रेडिंग Intraday Trading

शेयर मार्केट के खुलने से लेकर उसके बंद होने के पहले शेयर को खरीद कर बेचने को Intraday Trading कहते हैं। इसमें ट्रेडर 9:15 AM से 3:30 PM के बीच शेयर को खरीदता और बेचता है और उसे एक ही दिन में शेयर पर ट्रेडिंग करने पर मुनाफा मिलता है।

इस तरह इंट्राडे ट्रेडिंग की जाती है। यानि वह traders जो Market (9:15 am) के खुलने के बाद शेयर खरीद लेते हैं और मार्केट बंद (3:30 pm) होने से पहले शेयर को बेच देते हैं। ऐसे ट्रेडर्स को Intraday ट्रेडर्स कहा जाता है। मतलब Intraday Trading वह trade जो 1 दिन के लिए trade किया जाए। 

2- स्कैल्पिंग ट्रेडिंग Scalping Trading

स्कैल्पिंग ट्रेडिंग भी शेयर मार्केट के खुलने से उसके बंद होने के बीच में की जाती है लेकिन Scalping Trading में पूरे दिन ट्रेडिंग नहीं की जाती है। Scalping Trading वह trade जो कुछ सेकंड या मिनट के लिए trade किया जाए। इसमें traders केवल कुछ सेकंड या कुछ मिनट के लिए शेयर की खरीद और बिक्री करते हैं।

जैसे 9:15 AM पर शेयर को खरीद कर 10:00 AM पर ही शेयर बेच कर मुनाफा कमा लेना है। इन ट्रेडर्स को scalpers कहा जाता है। scalping trading को सबसे ज्यादा रिस्की माना जाता है। 

3- स्विंग ट्रेडिंग Swing Trading

Swing Trading की बात की जाये तो यह ट्रेडिंग कुछ दिन और हफ़्तों के लिए की जाती है और इसमें भी शेयर को खरीदना और बेचना का काम शेयर मार्केट के खुलने और बंद होने के बीच ही किया जाता है।

इसमें ट्रेडर को पूरे दिन चार्ट को देखना नहीं पड़ता है और यह उन लोगों के लिए बेहतर होता है जो ट्रेडिंग में अपना पूरा दिन नहीं दे सकते हैं जैसे जॉब करने वाले लोग, स्टूडेंट्स आदि। इसमें ट्रेडर्स शेयर मार्केट में कम दाम पर शेयर खरीद लेते है और फिर उन्हें hold करके रख लेते हैं और जब बाद में जब कुछ दिन या हफ्ते में उनके शेयर की price ज्यादा हो जाती है तो तब उन्हें बेच कर मुनाफा कमा लेते हैं।

मतलब इसमें traders एक दो हफ़्ते के लिए शेयर को खरीदने के बाद बेच देते हैं।

4- Positional Trading

Positional Trading बाकी सभी trading से कम रिस्की होता है। Positional Trading वह ट्रेड जो कुछ महीने के लिए होल्ड किए जाते हैं। यह Trading long term है। Positional ट्रेडिंग में शेयर्स को लम्बे समय तक होल्ड किया जाता है इसके अंदर किसी शेयर को कुछ महीनों से लेकर 1 साल तक खरीदकर रखा जाता है और फिर उस Share को बेच कर Profit कमाया जाता है। शेयर बाजार के रोजाना के up-down का इन पर ज्यादा असर नहीं होता है। 

5. Arbitrage Trading

आर्बिट्रेज ट्रेडिंग एक ऐसी शैली है जो दो या दो से अधिक बाजारों या एक्सचेंजों में मूल्य अंतर का लाभ उठाती है। यह केवल एक विशाल नेटवर्क वाली प्रमुख व्यापारिक फर्मों के लिए आरक्षित है क्योंकि इसके लिए बहुत अधिक विश्लेषणात्मक कौशल की आवश्यकता नहीं है, लेकिन अधिक नेटवर्क गति की आवश्यकता है। 

Trading और Investment में कुछ मुख्य अंतर Differences Between Trading And Investing

  • जो लोग Trading करते हैं उन्हें traders कहा जाता है और वहीं निवेश Investment करने वाले लोगों को निवेशक Investor कहा जाता है।
  • Trading में टेक्निकल एनालिसिस के बारे में जानना आवश्यक होता है। वहीं Investment की बात करें तो उसमें fundamental analysis की जानकारी होनी जरुरी है।
  • Trading में शेयर को short term के लिए खरीदा जाता है और Investment में शेयर को लंबे समय के लिए खरीद लिया जाता है।
  • Trading लोगों के द्वारा short term मुनाफे को कमाने के लिए किया जाता है वहीं निवेश Investment लंबे समय के मुनाफे को कमाने के लिए किया जाता है।
  • Trading की जो अवधि होती है वो 1 साल तक की होती है। वहीं निवेश की अवधि 1 साल से ज्यादा की होती है।

ट्रेडिंग कैसे सीखें (how to learn trading)

शेयर बाजार के बारे में व्यापक गलत धारणा यह है कि यह घाटे का सौदा है। एक बार जब आप प्रवेश करते हैं, तो कोई रास्ता नहीं है कि आप उस पर कदम रखने और अपना सारा पैसा उड़ाने के बाद बाहर निकल सकें।

हां, यह सच है कि शेयर बाजार में आपको नुकसान हो सकता है, लेकिन यह आपके कारण होगा, शेयर बाजार के बारे में कम जानकारी होना, न कि शेयर बाजार के कारण।

एक सफल निवेशक बनने के लिए, आपको बाज़ार में व्यापार करने के विभिन्न तरीके सीखने चाहिए। जैसा कि बाजार विकसित हुआ है और विकसित हो रहा है, स्टॉक ट्रेडिंग के पारंपरिक तरीके अब खेल में नहीं हैं।

नीचे दिए गए दस सर्वोत्तम तरीके हैं जिन पर आपको स्टॉक ट्रेडिंग सीखने और अपने भाग्य का स्वामी बनने पर विचार करना चाहिए।

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1. एक ब्रोकर को हायर करें (Hire a broker)

सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, आपको बाजार के मूल लेआउट से परिचित होने के लिए एक फ्लैट शुल्क चार्ज करने वाली एक अच्छी ब्रोकरेज फर्म को किराए पर लेना चाहिए। वे अपने ग्राहकों को निवेश का अनुसंधान-आधारित विश्लेषण प्रदान करते हैं जो आपको बेहतर निवेश निर्णय लेने में मदद करेगा।

एकमात्र व्यक्ति जो आपको सबसे अच्छी वित्तीय सलाह दे सकता है, वह आपका स्टॉक ब्रोकर है, और आपको बाजार में प्रवेश करने से पहले या यदि आप लगातार नुकसान उठा रहे हैं तो ब्रोकर को काम पर रखने पर विचार करना चाहिए।

2. निवेश पुस्तकें पढ़ें (read investment books)

प्रत्येक सफल निवेशक में एक बात समान होती है, वे जितनी अधिक निवेश पुस्तकें पढ़ सकते हैं, पढ़ते हैं। शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उन सभी पहलुओं का बुनियादी ज्ञान आवश्यक है जो शेयरों की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं, और इसे नियमित रूप से किताबें पढ़कर इकट्ठा किया जा सकता है।

एक बार जब आप किताबें पढ़ना शुरू कर देंगे तो आपको निश्चित रूप से महसूस होगा कि हर किताब को पढ़ने के साथ नुकसान कम होता जा रहा है।

3. वित्तीय लेख पढ़ें (Read financial articles)

किताबें पढ़ने के अलावा, शेयर बाजार के बारे में ज्ञान इकट्ठा करने का एक और बढ़िया तरीका समाचार पत्रों, वित्तीय पत्रिकाओं और सोशल मीडिया पर एक वित्तीय विश्लेषक या संस्था द्वारा प्रकाशित वित्तीय लेख के माध्यम से होता है।

वे आपको बाज़ार और एक विशेष निवेश के बारे में बहुत आवश्यक जानकारी देंगे ताकि आप बेहतर ढंग से समझ सकें कि बाज़ार कैसे संचालित होता है और आप व्यापार करते समय लाभ कैसे कमा सकते हैं।

4. एक सलाहकार खोजें (Find a mentor)

अपने दम पर व्यापार शुरू करना कभी-कभी जटिल हो सकता है, और आपको निवेश प्रक्रिया के माध्यम से मार्गदर्शन करने के लिए एक सलाहकार की आवश्यकता होगी। मेंटर कोई परिवार का सदस्य, आपका शिक्षक या प्रोफेसर, आपका स्टॉकब्रोकर या सिर्फ एक भरोसेमंद व्यक्ति हो सकता है जिसे आप जानते हैं, जिसे बाजार के बारे में ज्ञान है और वह इसके माध्यम से आपका मार्गदर्शन कर सकता है। बाजार में सफलता का स्वाद चखने वाले सभी ट्रेडर्स के निवेश के शुरुआती दिनों में उनके मेंटर रहे हैं।

5. सफल निवेशकों का अध्ययन करें (Study successful investors)

एक सफल निवेशक बनने के लिए आपको बाजार के दिग्गजों से सीखना चाहिए। उनके लक्षणों, उनकी दैनिक आदतों, बाजार के बारे में उनकी धारणा और उनकी निवेश प्रक्रिया का अध्ययन करने से आपको एक निवेशक के रूप में विकसित होने में मदद मिलेगी।

आपको बाजार के दिग्गजों द्वारा लिखी गई किताबें और उन चीजों के बारे में पढ़ना चाहिए जो उन्होंने बाजार में सफल होने के लिए कीं।

6. बाजार की निगरानी और विश्लेषण करें (Monitor and analyze the market)

तकनीकी विश्लेषण नामक एक उपकरण विधि है जो उपलब्ध पिछले आंकड़ों के आधार पर बाजार में बदलाव की भविष्यवाणी करती है जो एक निवेशक को अपने नुकसान को कम करने में मदद करती है। एक नौसिखिए निवेशक के रूप में, आपको समाचार या आपके ब्रोकर द्वारा प्रदान किए गए विश्लेषण के माध्यम से लगातार बाजार की निगरानी और विश्लेषण करने का प्रयास करना चाहिए।

यह आपको मांग और आपूर्ति के संतुलन और बाजार के प्रचलित रुझानों का एक सामान्य विचार प्राप्त करने में मदद करेगा, और आप अपने घाटे को एक बड़े अंतर से कम करने में सक्षम होंगे।

7. अपनी गलतियों से सीखें (Learn From Your Mistakes)

गलतियां किसी व्यक्ति को बेहतर निवेशक बनाने का सबसे अच्छा तरीका है। यदि आपको बाजार में नुकसान होता है तो आपको कभी भी निराश नहीं होना चाहिए, लेकिन विश्लेषण करें कि इस प्रक्रिया में आपने क्या गलत किया।

यदि आप पिछली गलती का विश्लेषण कर सकते हैं और उससे सीख सकते हैं, तो आप फिर कभी वही गलती नहीं करेंगे। और किसी भी त्रुटि का मतलब कम नुकसान और अधिक मुनाफा नहीं होगा।

8. अपनी जोखिम लेने की क्षमता को पहचानें (Identify your risk appetite)

अपने वित्त को देखें और निर्धारित करें कि शेयर बाजार में प्रवेश करने से पहले आप कितना नुकसान उठा सकते हैं। यह आपको बाजार के बारे में बेहतर तरीके से जानने में मदद करेगा। आप उन निवेशों का विश्लेषण करना छोड़ सकते हैं जो आपके दायरे से बाहर हैं और उन निवेशों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जिनमें आप निवेश कर सकते हैं।

जब आप अपनी जोखिम लेने की क्षमता का पता लगा लेंगे तो आप बाजार के बारे में जानने में अधिक सहज होंगे।

9. लागतों को नियंत्रित करें (Control the costs)

केवल बाजार की मूल बातों के बारे में जानने से आप अपने निवेशों के माध्यम से मुनाफा नहीं कमा पाएंगे। आपको अपनी निवेश प्रक्रिया की लागतों को नियंत्रित करना चाहिए क्योंकि वे आपके लाभ को काफी कम कर सकते हैं।

हमेशा दलाल के बजाय एक फ्लैट शुल्क वाली ब्रोकरेज फर्म के साथ जाएं जो कमीशन लेता है। आप हमेशा अपने ब्रोकर से अन्य तरीकों के लिए परामर्श कर सकते हैं जो आपकी निवेश लागत को और कम कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर : यह ब्लॉग केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले वित्तीय सलाहकार की सलाह लेने की भी सिफारिश की जाती है।

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