Gig Economy क्या है ?

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14 Dec 2021
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नई तकनीक का ही नतीजा है कि आज हमारे सामने एक नया शब्द आया है। जिसे कहा जाता है Gig Economy। आज हम आपको गिग इकोनामी Gig Economy के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। जिसकी मदद से आप समझ पाएंगे कि, आखिर यह होती क्या है और किस तरह इसमें काम किया जाता है।

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डिजिटल युग में काम करने का अंदाज बदलता जा रहा है। जिस तरह तकनीक Technology ने हर क्षेत्र में दबदबा बना लिया है। उसी तरह काम करने के अंदाज में भी कई बदलाव हुए हैं। नई तकनीक का ही नतीजा है कि आज हमारे सामने एक नया शब्द आया है। जिसे कहा जाता है Gig Economy। यह शब्द आपको शायद थोड़ा नया लग सकता है, लेकिन जिस तरह से इस विधा में काम होता है, वह कोई नई बात नहीं है, ऐसा पहले के ज़माने में भी हुआ करता था। फिलहाल जिसे गिग इकोनॉमी कहा जा रहा है, इसे पहले फ्रीलांस इकोनॉमी, जल्दी खत्म करने वाले काम या फिर अस्थायी काम भी कहा जाता रहा है।

डिजिटल युग में मोबाइल एप्लीकेशन और कई तरह के काम ऑनलाइन माध्यम से होने लगे हैं। इसी के चलते गिग इकोनामी नाम ने भी जोर पकड़ लिया है। आज हम आपको गिग इकोनामी के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। जिसकी मदद से आप समझ पाएंगे कि, आखिर यह होती क्या है और किस तरह इस में काम किया जाता है। 

अगर आप भी अपने रोजमर्रा के काम से बोर हो चुके हैं, तो आप भी गिग इकोनामी का हिस्सा बन सकते हैं और अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं। ऐसा कई बार देखने को मिला है कि कई लोगों ने अपनी 9 से 5 की सामान्य नौकरी छोड़कर गिग इकोनॉमी को अपनाया और काफी पैसा भी कमाया है। जिसमें आपको तनाव भी कम रहता है। Gig Economy को कुछ लोग सिर्फ अस्थायी काम On demand work के रूप में देखते हैं, लेकिन इसमें अच्छी संभावनाएं भी है।

क्या होती है Gig Economy ?

सबसे पहले तो आप Gig शब्द का मतलब समझ लीजिए, इस शब्द का अर्थ कुछ अलग तरह से समझाया जाता है। हम इसे आसानी से उदाहरण देकर समझाने की कोशिश करते हैं। जब गाने-बजाने वाले लोग या फिर उनका एक समूह किसी जगह पर कार्यक्रम के लिए जाता है। इस कार्यक्रम के दौरान उन्हें सिर्फ कुछ समय के लिए बुलाया जाता है और पैसा दिया जाता है। इस तरह के एकमुश्त काम के लिए आप Gig शब्द का इस्तेमाल होता है।

 गिग GIG शब्द का तात्पर्य है कि किसी एक काम के लिए कुछ समय के लिए जुड़ना और उसके लिए पैसा लेना।

इसी तरह से ही gig economy में भी काम होता है। उदाहरण के रूप में समझा जाए तो, किसी संस्था या किसी कंपनी के लिए, किसी ऐसे व्यक्ति का काम करना, जो पूरी तरह से कंपनी से नहीं जुड़ा है, सिर्फ कुछ समय के लिए कंपनी के साथ जुड़कर काम करता है और उस एक काम के लिए उसे पैसा दिया जाता है। इसे लेकर अमेरिकन स्टाफिंग एसोसिएशन American Staffing Association द्वारा एक अध्ययन भी किया गया है। जिसमें 78% लोग इसे लंबे समय से स्वतंत्र कार्यबल की भागीदारी का वर्णन करने के लिए गिग इकोनामी को एक नए तरीके के रूप में देखते हैं।

Gig Economy में कैसे होता है काम

Gig economy का उपयोग आजकल हर क्षेत्र में किया जा रहा है, इस तरह के काम में किसी भी व्यक्ति को कुछ छोटे या बड़े कार्य दिए जाते हैं। जिन्हें वह पूरा कर पैसा कमाता है। यह काम संस्था की इच्छा के अनुसार पूर्ण किए जाते हैं। काम करने के घंटे Working Hours भी पहले ही तय कर लिए जाते हैं और एक व्यक्ति जो गिग वर्कर है, वह उस समय सीमा में ही काम करता है। इसके अलावा गिग वर्किंग Gig Working में व्यक्ति एक से ज्यादा काम भी कर सकता है, लेकिन उसके द्वारा लिए गए सभी कामों को, उसे दी गई समय सीमा के अंदर पूरा करना होगा। अगर आप इस तरह का काम करते हैं, तो आपको सभी प्रोजेक्ट में फ्लैक्सिबिलिटी दी जाती है। एक गिग वर्कर के पास पूरे दिन का काम भी हो सकता है और कुछ घंटों का काम भी हो सकता है, या फिर वह पूरे दिन की नौकरी की तरह ही इससे जुड़कर काम कर सकता है। 

विशेष बात सिर्फ इतनी है कि, यह स्थाई नहीं है, यह कुछ समय की अवधि के लिए रूप में किया जाता है। इसमें कई लंबे प्रोजेक्ट्स पर भी काम लिया जाता है। जिसके चलते इसे अस्थाई तो कहा जाता है, लेकिन फिर भी यह स्थाई की तरह ही काम करता है।

कुछ लोग इसके बारे में सोचते हैं कि, केवल कंपनियां ही लोगों को इस तरह के काम के लिए रखती हैं, लेकिन कुछ ऑनलाइन माध्यम और मोबाइल पर मौजूद ऐप ऐसे भी हैं, जो माध्यम बनने का काम करते हैं। जो कंपनी और ऐसे काम करने वाले को साथ काम करने का प्लेटफार्म देते हैं, जिसकी मदद से यह काम सुचारु रुप से हो पाता है।

इस तरह की कई कंपनियां है जैसे कि, उबेर Uber, इंस्टाकार्ट Instacart, टास्क रेबिट TaskRabbit, मैकेनिकलतुर्क Mechanical Turk, फ्रीलांसर Freelancer, गिग इंडिया Gig India आदि।

क्या होते हैं गिग वर्कर्स

गिग इकोनॉमी में वैसे तो लाखों लोग काम करते हैं, लेकिन इसकी सटीक संख्या अभी उजागर करना काफी मुश्किल है। गिग वर्किंग के दौरान लोग फ्रीलांसर के तौर पर, अस्थायी कर्मचारी के तौर पर या फिर अनुबंध के तौर पर काम करते हैं, जिसमें इस बात को समझ पाना मुश्किल होता है कि कौन गिग वर्कर्स हैं और कौन नहीं? अगर आंकड़ों की बात की जाए तो, ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स Bureau of Labor Statistics BLS के मुताबिक साल 2017 मई के दौरान 10.6 मिलियन स्वतंत्र ठेकेदार इस विधा में काम कर रहे थे।इस सर्वे में यह भी सामने आया कि, आधे लोग कमाई के लिए पूरी तरह से गिग वर्किंग पर ही निर्भर थे। महिलाओं और पुरुषों की बात की जाए तो दोनों ही इस विधा में समान रूप से हिस्सा लेते हैं, लेकिन महिलाओं और पुरुषों के काम में अंतर जरूर होता है।जिसमें कई पुरुष पूरी तरह से गिग वर्किंग पर निर्भर हैं, लेकिन महिलाएं इस तरह के काम को पार्ट टाइम Part time के लिए अपनाती हैं। जिस तरह से तकनीक बढ़ रही है और इस तरह के काम को दुनिया के किसी भी कोने से किसी भी वक्त किया जा सकता है, इस काम का चलन काफी जोरों से बढ़ रहा है।

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