2026 के टॉप ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट ट्रेंड्स जिन्हें हर HR प्रोफेशनल को जानना चाहिए

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17 Feb 2026
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जैसे-जैसे हम 2026 की दूसरी तिमाही में आगे बढ़ रहे हैं, मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) अब अपनी पारंपरिक प्रशासनिक भूमिका से काफी आगे निकल चुका है। अब HR केवल नियुक्ति, वेतन प्रबंधन या नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठन की रणनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मध्य-2020 के दशक में हुए बड़े बदलावों ने एक नई सच्चाई को मजबूत किया है। आज कंपनियाँ केवल कर्मचारियों को मैनेज नहीं कर रहीं, बल्कि मानव प्रतिभा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मिश्रण से एक जटिल और लचीला कार्य-इकोसिस्टम तैयार कर रही हैं।

इस वर्ष HR लीडर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल “हायरिंग और फायरिंग” नहीं है। असली चुनौती है एजेंटिक AI को सही तरीके से शामिल करना, स्किल-आधारित संगठनों की ओर बदलाव करना, और मानव स्थिरता यानी Human Sustainability को प्राथमिकता देना।

सफलता को मापने के तरीके भी बदल गए हैं। पहले जहाँ केवल लागत और समय पर ध्यान दिया जाता था, अब “स्पष्टता तक पहुँचने का समय” और “कौशल की गति” जैसे नए मानक महत्वपूर्ण बन गए हैं। पिछले तीन वर्षों में 92% कंपनियों ने AI में अपना निवेश बढ़ाया है। ऐसे माहौल में “ह्यूमन प्रीमियम” यानी वह खास मूल्य जो केवल इंसान दे सकते हैं, सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी लाभ बन गया है।

यह लेख 2026 के दस सबसे महत्वपूर्ण HR ट्रेंड्स Ten Most Important HR Trends of 2026 पर प्रकाश डालता है। इसमें आवश्यक आँकड़े, रणनीतिक ढाँचे और वास्तविक उदाहरण दिए गए हैं, जो आपके संगठन को भविष्य के लिए तैयार करने में मदद करेंगे।

आंतरिक भूमिकाओं के “गिग मॉडल” की बढ़ती प्रवृत्ति से लेकर ग्रीन HRM के उदय तक, ये सभी ट्रेंड्स लगातार बदलते दौर में उच्च प्रदर्शन वाले नेतृत्व का नया खाका प्रस्तुत करते हैं।

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व्यवसायों को बदल रहे मानव संसाधन प्रबंधन के नए ट्रेंड्स (New Trends in Human Resource Management Transforming Businesses)

मानव संसाधन प्रबंधन अब केवल भर्ती, वेतन प्रबंधन और नियमों के पालन तक सीमित नहीं है। वर्ष 2026 में HR किसी भी संगठन के विकास का महत्वपूर्ण रणनीतिक इंजन बन चुका है। यह कंपनी की कार्य संस्कृति, नवाचार क्षमता और दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा को आकार देता है। नई तकनीकों का विकास, कर्मचारियों की बदलती अपेक्षाएँ और आर्थिक अनिश्चितता कंपनियों को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि वे प्रतिभा को कैसे आकर्षित करें, प्रबंधित करें और लंबे समय तक बनाए रखें।

नीचे आज के समय में व्यवसायों को बदल रहे सबसे प्रभावशाली HR ट्रेंड्स को सरल और स्पष्ट रूप में समझाया गया है।

1. AI और ऑटोमेशन से HR संचालन में बदलाव (AI and Automation Transform HR Operations)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने HR टीमों के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। अब HR केवल समस्याओं का समाधान करने वाली भूमिका में नहीं है, बल्कि पहले से योजना बनाकर प्रतिभा रणनीति तैयार करने पर ध्यान दे रहा है। कंपनियाँ AI का उपयोग केवल समय बचाने के लिए नहीं, बल्कि बेहतर निर्णय लेने के लिए भी कर रही हैं।

AI आधारित भर्ती और चयन प्रक्रिया (AI-Powered Recruitment and Screening)

भर्ती प्रक्रिया AI से सबसे अधिक प्रभावित हुई है। आधुनिक AI आधारित एप्लिकेंट ट्रैकिंग सिस्टम कुछ ही सेकंड में हजारों रिज्यूमे स्कैन कर सकते हैं।

ये सिस्टम:

  • कुछ ही क्षणों में रिज्यूमे पढ़कर रैंक कर देते हैं।

  • उम्मीदवार की स्किल्स को जॉब प्रोफाइल से मिलाते हैं।

  • वीडियो इंटरव्यू के दौरान व्यवहार का विश्लेषण करते हैं।

  • पुराने डेटा के आधार पर उम्मीदवार की सफलता की संभावना का अनुमान लगाते हैं।

एक 2025 की डेलॉइट रिपोर्ट के अनुसार 72 प्रतिशत संगठनों का कहना है कि AI ने उनकी भर्ती प्रक्रिया को तेज किया है और औसत समय लगभग 30 प्रतिशत तक कम हुआ है।

नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग तकनीक की मदद से सिस्टम केवल कीवर्ड नहीं, बल्कि संदर्भ को भी समझते हैं। इससे गैर-पारंपरिक पृष्ठभूमि वाले प्रतिभाशाली उम्मीदवारों की पहचान आसान हो जाती है और पक्षपात कम होता है।

उदाहरण के लिए, Unilever ने AI आधारित भर्ती प्रक्रिया Unilever’s AI-powered hiring process अपनाकर स्क्रीनिंग समय में 75 प्रतिशत तक कमी की। इसी तरह IBM AI का उपयोग जॉब फिट और भविष्य के प्रदर्शन की संभावना का अनुमान लगाने के लिए करता है।

AI चैटबॉट्स 24 घंटे उम्मीदवारों को अपडेट देते हैं, इंटरव्यू शेड्यूल अपने आप तय करते हैं और व्यक्तिगत संदेश भेजते हैं। इससे उम्मीदवार का अनुभव बेहतर होता है और कंपनी की ब्रांड छवि मजबूत बनती है।

प्रदर्शन प्रबंधन में AI की भूमिका (AI in Performance Management)

पारंपरिक वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा अब पुरानी होती जा रही है। 2026 में कंपनियाँ निरंतर प्रदर्शन प्रबंधन प्रणाली अपना रही हैं, जो AI आधारित विश्लेषण पर काम करती है।

AI टूल्स:

  • वास्तविक समय में प्रदर्शन डेटा ट्रैक करते हैं।

  • उत्पादकता के रुझानों का विश्लेषण करते हैं।

  • कर्मचारी जुड़ाव में गिरावट को पहचानते हैं।

  • उपयुक्त प्रशिक्षण की सिफारिश करते हैं।

अब मैनेजरों को डेटा आधारित डैशबोर्ड मिलते हैं, जिनसे वे कर्मचारी की ताकत, सुधार के क्षेत्र और संभावित नौकरी छोड़ने के जोखिम को समझ सकते हैं।

उदाहरण के रूप में, IBM और Adobe ने AI आधारित प्रदर्शन प्रणाली अपनाई है, जिससे कर्मचारियों की भागीदारी और विकास योजना में सुधार हुआ है।

गार्टनर की रिपोर्ट के अनुसार जो संगठन निरंतर फीडबैक सिस्टम अपनाते हैं, उनमें कर्मचारियों के प्रदर्शन में लगभग 24 प्रतिशत तक सुधार देखा गया है।

प्रशासनिक कार्यों में ऑटोमेशन (Automation for Administrative Tasks)

ऑटोमेशन ने HR के कई दोहराए जाने वाले कार्यों को आसान बना दिया है। जैसे:

  • वेतन प्रक्रिया।

  • छुट्टी और उपस्थिति प्रबंधन।

  • लाभ योजनाओं का प्रबंधन।

  • कानूनी दस्तावेज तैयार करना।

  • बैकग्राउंड वेरिफिकेशन।

क्लाउड आधारित HR सिस्टम अब एक ही प्लेटफॉर्म पर पेरोल, डेटा एनालिटिक्स और कर्मचारी रिकॉर्ड को जोड़ते हैं।

मैकिंजी के अनुसार ऑटोमेशन से HR का 20 से 30 प्रतिशत समय बच सकता है। इससे HR टीम रणनीतिक योजना और कर्मचारी जुड़ाव पर अधिक ध्यान दे सकती है।

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन त्रुटियों को कम करता है और नियमों के पालन में सटीकता बढ़ाता है।

HR में AI के लिए जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता (Emerging Shift: AI Governance in HR)

AI का उपयोग बढ़ने के साथ उसकी जिम्मेदार और नैतिक उपयोग की जरूरत भी बढ़ी है। कंपनियाँ अब:

  • भर्ती एल्गोरिदम की निष्पक्षता की जाँच करती हैं।

  • AI एथिक्स कमेटी बनाती हैं।

  • AI आधारित निर्णयों में पारदर्शिता बनाए रखती हैं।

जिम्मेदार AI का उपयोग कानूनी जोखिम को कम करता है और कर्मचारियों तथा उम्मीदवारों के बीच विश्वास बढ़ाता है।

Also Read: डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अहम भूमिका

2. हाइब्रिड और लचीले कार्य मॉडल (Hybrid and Flexible Work Models)

काम का भविष्य अब लचीला हो चुका है। जो व्यवस्था पहले एक मजबूरी थी, वह अब स्थायी बदलाव बन गई है।

हाइब्रिड कार्य व्यवस्था अब स्थायी है (Hybrid Work Is Here to Stay)

2025 की एक गार्टनर रिपोर्ट  2025 Gartner survey के अनुसार 75 प्रतिशत बड़ी कंपनियों ने औपचारिक हाइब्रिड कार्य नीति अपना ली है। अब हाइब्रिड वर्क अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धात्मक लाभ बन गया है।

हाइब्रिड मॉडल से कंपनियों को कई फायदे मिले हैं। जैसे:

  • उत्पादकता में वृद्धि।

  • ऑफिस खर्च में कमी।

  • कर्मचारियों की संतुष्टि में सुधार।

  • वैश्विक प्रतिभा तक पहुंच में विस्तार।

हालांकि इसके साथ HR की नई जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। जैसे:

  • डिजिटल माध्यम से सहयोग की मजबूत व्यवस्था बनाना।

  • पदोन्नति में पक्षपात से बचना।

  • सभी कर्मचारियों को समान प्रशिक्षण अवसर देना।

  • दूरस्थ कर्मचारियों की सहभागिता पर नजर रखना।

कई संगठन अब अपने ऑफिस को रोजाना काम करने की जगह के बजाय सहयोग और टीम मीटिंग के केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं।

उदाहरण के लिए, Salesforce ने “Success from Anywhere” रणनीति अपनाई है, जिसमें रिमोट काम की सुविधा के साथ तय सहयोग दिवस शामिल हैं।

लचीला समय और परिणाम आधारित कार्य संस्कृति (Flexible Scheduling and Results-Oriented Work Environments – ROWE)

अब लचीलापन केवल स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि समय पर भी लागू होता है। 2026 में कर्मचारी यह अपेक्षा करते हैं कि वे कब और कैसे काम करें, इसका निर्णय स्वयं ले सकें।

रिजल्ट्स-ओरिएंटेड वर्क एनवायरनमेंट में कर्मचारियों का मूल्यांकन उनके काम के परिणामों के आधार पर किया जाता है, न कि उनके द्वारा काम किए गए घंटों के आधार पर।

यह मॉडल खासकर इन समूहों के लिए आकर्षक है:

  • जेन Z कर्मचारी जो कार्य-जीवन संतुलन को प्राथमिकता देते हैं।

  • कामकाजी माता-पिता।

  • डिजिटल नोमैड्स।

Microsoft के आंतरिक शोध में पाया गया कि लचीले समय वाले कर्मचारियों में नौकरी संतुष्टि अधिक और तनाव कम देखा गया।

लचीली कार्य नीति अपनाने वाली कंपनियों में कर्मचारियों को बनाए रखने की दर बेहतर होती है और कंपनी की छवि मजबूत बनती है।

सीमाओं के बिना वैश्विक प्रतिभा (Global Talent Without Borders)

हाइब्रिड और रिमोट कार्य मॉडल ने कंपनियों को दुनिया के किसी भी हिस्से से प्रतिभा नियुक्त करने की सुविधा दी है। इससे विशेष कौशल वाले कर्मचारियों तक पहुंच आसान हुई है।

लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी आती हैं। जैसे:

  • अलग-अलग देशों के श्रम कानूनों का पालन।

  • कर नियमों का प्रबंधन।

  • रिमोट कर्मचारियों का सही तरीके से ऑनबोर्डिंग।

  • सांस्कृतिक समन्वय।

अब कई वैश्विक प्लेटफॉर्म अंतरराष्ट्रीय भर्ती और पेरोल प्रक्रिया को आसान बना रहे हैं।

3. कर्मचारी अनुभव को रणनीतिक प्राथमिकता (Employee Experience as a Strategic Priority)

2026 में कर्मचारी अनुभव सीधे व्यवसाय के प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। कंपनियां अब कर्मचारियों को आंतरिक ग्राहक की तरह मान रही हैं और उनकी संतुष्टि, विकास और कल्याण पर ध्यान दे रही हैं।

कर्मचारी अनुभव प्लेटफॉर्म

(Employee Experience Platforms)

कंपनियां ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म में निवेश कर रही हैं जो एक ही जगह पर कई सुविधाएं प्रदान करते हैं। जैसे:

  • लर्निंग और विकास कार्यक्रम।

  • करियर प्रगति उपकरण।

  • वेलनेस संसाधन।

  • संचार चैनल।

  • फीडबैक सिस्टम।

Workday, SAP SuccessFactors, और Oracle जैसे प्लेटफॉर्म अब रियल-टाइम डैशबोर्ड प्रदान करते हैं, जो कर्मचारी सहभागिता और प्रदर्शन रुझानों को दिखाते हैं।

हाल की रिपोर्टों के अनुसार जो कंपनियां कर्मचारी अनुभव को प्राथमिकता देती हैं, उनमें राजस्व वृद्धि की दर लगभग दोगुनी तक हो सकती है।

आंतरिक पदोन्नति और करियर विकास की भूमिका (The Role of Internal Mobility)

अब कर्मचारी बाहर नौकरी बदलने की बजाय संगठन के अंदर ही विकास के अवसर ढूंढना पसंद करते हैं।

LinkedIn की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार जिन कंपनियों में मजबूत आंतरिक गतिशीलता कार्यक्रम होते हैं, वहां कर्मचारियों को बनाए रखने की दर 34 प्रतिशत अधिक होती है।

कंपनियां अब अपना रही हैं:

  • आंतरिक टैलेंट मार्केटप्लेस।

  • स्किल आधारित जॉब मैचिंग प्लेटफॉर्म।

  • करियर पाथ मैपिंग टूल्स।

उदाहरण के लिए, Schneider Electric AI आधारित आंतरिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करके कर्मचारियों को अल्पकालिक प्रोजेक्ट से जोड़ता है, जिससे उनकी स्किल और सहभागिता दोनों बढ़ती हैं।

पल्स सर्वे और निरंतर फीडबैक (Pulse Surveys and Continuous Feedback)

अब वार्षिक सर्वे की जगह छोटे और नियमित पल्स सर्वे ले रहे हैं।

ये सर्वे:

  • साप्ताहिक या मासिक भावनाओं को मापते हैं।

  • असंतोष के शुरुआती संकेत पकड़ते हैं।

  • तुरंत सुधार के लिए जानकारी देते हैं।

AI आधारित टूल सर्वे डेटा का विश्लेषण कर यह पहचानते हैं कि कहां तनाव, नेतृत्व की कमी या सांस्कृतिक समस्या है।

जो कंपनियां निरंतर फीडबैक अपनाती हैं, वहां विश्वास और नेतृत्व की जवाबदेही मजबूत होती है।

कर्मचारी यात्रा का व्यक्तिगत अनुभव (Personalization of the Employee Journey)

2026 में व्यक्तिगत अनुभव कर्मचारी संतुष्टि का मुख्य आधार बन गया है।

HR सिस्टम अब प्रदान करते हैं:

  • व्यक्तिगत लर्निंग सुझाव।

  • कस्टमाइज्ड लाभ योजनाएं।

  • करियर मार्गदर्शन।

  • व्यक्तिगत वेलनेस सहायता।

यह बदलाव उसी तरह है जैसे ग्राहक को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत अनुभव मिलता है।

व्यवसाय पर रणनीतिक प्रभाव (Strategic Impact on Businesses)

ये सभी HR ट्रेंड्स मिलकर संगठन की पूरी रणनीति को बदल रहे हैं।

जो कंपनियां AI आधारित HR, लचीले कार्य मॉडल और बेहतर कर्मचारी अनुभव अपनाती हैं, उन्हें निम्न लाभ मिलते हैं:

  • उच्च कर्मचारी बनाए रखने की दर।

  • मजबूत नियोक्ता ब्रांड छवि।

  • बेहतर उत्पादकता।

  • तेजी से कौशल विकास।

  • विविधता और समावेशन में सुधार।

आज HR केवल एक विभाग नहीं, बल्कि बोर्ड स्तर की रणनीतिक प्राथमिकता बन चुका है। यह सीधे प्रतिस्पर्धात्मक लाभ और दीर्घकालिक सफलता से जुड़ा है।

4. विविधता, समानता और समावेशन (DEI) से DEIB की ओर: कार्यस्थल रणनीति के केंद्र में अपनापन (Diversity, Equity & Inclusion (DEI) Evolves into DEIB: Belonging at the Center of Workplace Strategy)

DEI से DEIB तक: अपनापन क्यों है सबसे महत्वपूर्ण कड़ी (From DEI to DEIB: Why Belonging Is the Missing Link)

वर्ष 2026 में Diversity, Equity और Inclusion का विस्तार होकर DEIB बन चुका है, जिसमें “Belonging” यानी अपनापन भी शामिल है। विविधता का मतलब है अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों की भागीदारी। समावेशन का अर्थ है सभी को समान अवसर देना। लेकिन अपनापन एक गहरी भावना है, जिसमें कर्मचारी स्वयं को सम्मानित, सुरक्षित और मूल्यवान महसूस करते हैं।

अब कंपनियों को समझ आ गया है कि केवल विविध प्रतिभा को नियुक्त करना पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों को बनाए रखने और उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए यह जरूरी है कि उन्हें लगे कि उनकी आवाज़ सुनी जाती है।

हाल के कार्यस्थल अध्ययनों के अनुसार जिन कर्मचारियों को अपनापन महसूस होता है, वे:

  • तीन गुना अधिक सक्रिय और जुड़ाव महसूस करते हैं।

  • संगठन छोड़ने की संभावना 50 प्रतिशत तक कम रखते हैं।

  • अधिक उत्पादक और नवाचारी होते हैं।

प्रतिस्पर्धी श्रम बाजार में अपनापन अब केवल सांस्कृतिक पहल नहीं, बल्कि रणनीतिक लाभ बन चुका है।

2026 में प्रभावी DEIB कार्यक्रम कैसे बनाएं (Building Meaningful DEIB Programs in 2026)

आज के DEIB कार्यक्रम व्यवस्थित, मापने योग्य और नेतृत्व द्वारा संचालित होते हैं। कंपनियां केवल प्रतीकात्मक कदमों से आगे बढ़कर समावेशन को अपने मुख्य व्यावसायिक प्रक्रियाओं में शामिल कर रही हैं।

1. समावेशी भर्ती प्रक्रिया (Inclusive Hiring Practices)

भर्ती प्रणाली को पक्षपात से मुक्त बनाने के लिए कंपनियां कई बदलाव कर रही हैं। जैसे:

  • बिना नाम या पहचान के रिज्यूमे की जांच।

  • मानकीकृत प्रश्नों के साथ संरचित इंटरव्यू।

  • विविध पैनल द्वारा चयन प्रक्रिया।

  • AI टूल्स की निष्पक्षता की नियमित जांच।

साथ ही कंपनियां अलग-अलग विश्वविद्यालयों, कौशल आधारित प्लेटफॉर्म और वैश्विक रिमोट टैलेंट नेटवर्क के साथ साझेदारी कर रही हैं।

2. पक्षपात रहित प्रदर्शन मूल्यांकन (Bias-Free Performance Evaluations)

पारंपरिक प्रदर्शन समीक्षा में अनजाने पक्षपात की संभावना रहती है। 2026 में कंपनियां:

  • स्पष्ट और संरचित मूल्यांकन मानदंड अपनाती हैं।

  • 360 डिग्री फीडबैक शामिल करती हैं।

  • AI की मदद से पक्षपातपूर्ण भाषा की पहचान करती हैं।

  • मैनेजरों को समावेशी नेतृत्व का प्रशिक्षण देती हैं।

कई HR टेक प्लेटफॉर्म अब “बायस डिटेक्शन अलर्ट” सुविधा देते हैं, जो असमान भाषा के उपयोग की सूचना देते हैं।

3. नेतृत्व स्तर पर प्रतिनिधित्व लक्ष्य (Representation Goals Across Leadership)

अब केवल प्रवेश स्तर पर विविधता पर्याप्त नहीं है। संगठन अब वरिष्ठ नेतृत्व, बोर्ड पदों, महत्वपूर्ण परियोजना टीमों और उत्तराधिकार योजना में भी विविधता के आंकड़े मापते हैं।

कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां पारदर्शी रिपोर्टिंग को अपनाती हैं। उदाहरण के लिए, Salesforce अपनी कार्यबल विविधता और वेतन समानता से जुड़े डेटा को सार्वजनिक रूप से साझा करता है।

4. कर्मचारी संसाधन समूह (Employee Resource Groups – ERGs)

ERGs अब केवल अनौपचारिक समूह नहीं रहे। 2026 में ये रणनीतिक सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं। ये:

  • नए उत्पादों के विकास में सुझाव देते हैं।

  • वैश्विक विस्तार के लिए सांस्कृतिक समझ प्रदान करते हैं।

  • भर्ती ब्रांडिंग को मजबूत करते हैं।

  • मेंटरशिप कार्यक्रम चलाते हैं।

कंपनियां अब ERGs के लिए बजट और वरिष्ठ प्रायोजक भी नियुक्त करती हैं।

5. सांस्कृतिक समझ और समावेशी नेतृत्व प्रशिक्षण (Cultural Competency & Inclusive Leadership Training)

अब प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल हैं:

  • विभिन्न संस्कृतियों के साथ सहयोग।

  • मनोवैज्ञानिक सुरक्षा।

  • समावेशी संवाद शैली।

  • विविध टीमों में विवाद समाधान।

नेताओं का मूल्यांकन केवल वित्तीय प्रदर्शन से नहीं, बल्कि उनकी टीम में समावेशन के स्तर से भी किया जाता है।

डेटा आधारित समानता उपाय: इरादे से जवाबदेही तक (Data-Driven Equity Measures: From Intent to Accountability)

आधुनिक HR एनालिटिक्स सिस्टम वास्तविक डेटा के आधार पर प्रगति को मापते हैं। इसमें शामिल हैं:

  • वेतन समानता विश्लेषण।

  • पदोन्नति दर की तुलना।

  • विभिन्न समूहों में नौकरी छोड़ने की दर।

  • प्रशिक्षण और अवसरों तक पहुंच।

उन्नत डैशबोर्ड HR लीडर्स को समय रहते असमानता की पहचान करने और सुधार करने में मदद करते हैं। कई देशों में नियमों के कारण पारदर्शी रिपोर्टिंग की मांग भी बढ़ी है।

5. कौशल आधारित प्रतिभा प्रबंधन: पदों से क्षमताओं की ओर बदलाव (Skills-Based Talent Management: The Shift from Roles to Capabilities)

पदनाम से कौशल प्रोफाइल की ओर (From Job Titles to Skill Profiles)

2026 में कंपनियां पारंपरिक जॉब डिस्क्रिप्शन की जगह कौशल आधारित ढांचा अपना रही हैं। अब भर्ती और पदोन्नति का आधार केवल पदनाम नहीं, बल्कि वास्तविक कौशल और क्षमताएं हैं।

यह बदलाव कई कारणों से हो रहा है:

  • तकनीक का तेज विकास।

  • कौशल का तेजी से बदलना।

  • विभिन्न विभागों के बीच सहयोग में वृद्धि।

Gartner के अनुमान के अनुसार 2026 तक Fortune 500 की 60 प्रतिशत कंपनियां कौशल आधारित ढांचा अपना लेंगी।

इससे संगठनों को लाभ मिलते हैं:

  • प्रतिभा का तेज पुनः उपयोग।

  • आंतरिक गतिशीलता में वृद्धि।

  • भर्ती लागत में कमी।

  • अधिक लचीला कार्यबल।

कौशल सूची और डिजिटल स्किल पासपोर्ट (Skills Taxonomies and Digital Skill Passports)

कंपनियां अब आंतरिक कौशल सूची बना रही हैं, जिसे “स्किल टैक्सोनॉमी” कहा जाता है। कर्मचारी अपने डिजिटल प्रोफाइल में निम्न जानकारी रखते हैं:

  • प्रमाणपत्र।

  • परियोजना अनुभव।

  • तकनीकी कौशल।

  • नेतृत्व क्षमताएं।

इससे मैनेजर नई परियोजनाओं के लिए सही प्रतिभा को जल्दी पहचान सकते हैं।

AI आधारित कौशल मानचित्रण और आंतरिक गतिशीलता (AI-Driven Skills Mapping and Internal Mobility)

AI सिस्टम कार्यबल डेटा का विश्लेषण करके:

  • उभरते कौशल अंतर की पहचान करते हैं।

  • पुनः प्रशिक्षण कार्यक्रम सुझाते हैं।

  • आंतरिक नौकरी के अवसरों का मिलान करते हैं।

  • भविष्य की कार्यबल जरूरतों का अनुमान लगाते हैं।

उदाहरण के लिए, IBM ने AI आधारित कौशल विश्लेषण से 70 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों को बाहरी भर्ती के बिना नई भूमिकाओं में स्थानांतरित किया है। इससे प्रशिक्षण लागत कम हुई और संस्थागत ज्ञान सुरक्षित रहा।

बड़ी कंपनियां अब यह भी अनुमान लगा रही हैं कि अगले तीन वर्षों में कौन से कौशल अप्रासंगिक हो सकते हैं, और कर्मचारियों को समय रहते नए क्षेत्रों जैसे जेनरेटिव AI, साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स में प्रशिक्षित कर रही हैं।

कौशल आधारित मॉडल के लाभ (Benefits of a Skills-Based Model)

  • कार्यबल की अनुकूलन क्षमता में वृद्धि।

  • कर्मचारियों के करियर मार्ग में स्पष्टता।

  • बेहतर प्रतिधारण दर।

  • भविष्य की रणनीति के साथ बेहतर तालमेल।

यह मॉडल संगठन की वृद्धि और कर्मचारी विकास दोनों को संतुलित करता है।

6. उन्नत लर्निंग एवं डेवलपमेंट (L&D): निरंतर, व्यक्तिगत और एकीकृत (Enhanced Learning & Development (L&D): Continuous, Personalized, and Integrated)

एआई द्वारा संचालित व्यक्तिगत सीखने का अनुभव (Personalized Learning Experiences Powered by AI)

साल 2026 में लर्निंग एंड डेवलपमेंट अब केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह रोज़मर्रा के काम का हिस्सा बन चुका है। आधुनिक लर्निंग प्लेटफॉर्म कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके कर्मचारियों को उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण सुझाते हैं।

ये प्लेटफॉर्म:

  • नौकरी की भूमिका के अनुसार कोर्स सुझाते हैं।

  • करियर लक्ष्यों के आधार पर लर्निंग पाथ तैयार करते हैं।

  • सामग्री की कठिनाई स्तर को स्वतः समायोजित करते हैं।

  • प्रगति को वास्तविक समय में ट्रैक करते हैं।

ये प्लेटफॉर्म उसी तरह काम करते हैं जैसे स्ट्रीमिंग ऐप्स उपयोगकर्ता की पसंद के अनुसार कंटेंट सुझाते हैं।

जिन संगठनों ने व्यक्तिगत लर्निंग सिस्टम अपनाए हैं, उन्होंने पारंपरिक प्रशिक्षण मॉडल की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक कोर्स पूरा करने की दर दर्ज की है।

काम के दौरान सीखना (Learning in the Flow of Work)

2026 की एक बड़ी प्रवृत्ति है "काम के साथ सीखना"। अब प्रशिक्षण को काम से अलग नहीं रखा जाता। कर्मचारी अपने दैनिक कार्य करते समय ही छोटे-छोटे प्रशिक्षण मॉड्यूल तक पहुंच सकते हैं।

यह तरीका सीखने की प्रभावशीलता बढ़ाता है और काम में रुकावट भी कम करता है।

माइक्रो-लर्निंग और समयानुकूल प्रशिक्षण (Micro-Learning and Just-in-Time Training)

आज के पेशेवर छोटे और केंद्रित प्रशिक्षण मॉड्यूल को अधिक पसंद करते हैं, जिनकी अवधि 5 से 10 मिनट होती है।

माइक्रो-लर्निंग मुख्य रूप से इन विषयों पर केंद्रित होती है:

  • तकनीकी अपडेट।

  • सॉफ्ट स्किल सुधार।

  • अनुपालन प्रशिक्षण।

  • एआई टूल्स का उपयोग।

ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म पर एआई, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल लीडरशिप और कम्युनिकेशन स्किल्स जैसे विषयों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

माइक्रो-लर्निंग कर्मचारियों को बिना लंबे कोर्स किए नई स्किल जल्दी सीखने में मदद करती है।

बड़े स्तर पर अपस्किलिंग और रिस्किलिंग (Upskilling and Reskilling at Scale)

ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के कारण नई स्किल सीखना जरूरी हो गया है। कई कंपनियां अब प्रत्येक कर्मचारी के लिए वार्षिक प्रशिक्षण बजट निर्धारित करती हैं और उन्हें नए प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

उच्च प्रदर्शन करने वाले संगठन लर्निंग एंड डेवलपमेंट को खर्च नहीं, बल्कि निवेश मानते हैं।

2026 में प्रमुख प्रशिक्षण क्षेत्र हैं:

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता की समझ।

  • साइबर सुरक्षा जागरूकता।

  • डेटा आधारित निर्णय क्षमता।

  • भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नेतृत्व।

  • परिवर्तन प्रबंधन।

सीखने के प्रभाव को मापना (Measuring Learning Impact)

एचआर लीडर्स अब लर्निंग एनालिटिक्स का उपयोग करके यह मापते हैं:

  • कौशल में प्रगति।

  • प्रशिक्षण का व्यवसाय पर प्रभाव।

  • सीखने और प्रदर्शन के बीच संबंध।

  • प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निवेश पर लाभ।

अब पूर्वानुमान आधारित डेटा यह भी दिखाता है कि प्रशिक्षण में भाग लेने वाले कर्मचारियों के प्रमोशन और संगठन में टिके रहने की संभावना अधिक होती है।

जो संगठन:

  • अपनापन की भावना को बढ़ावा देते हैं।

  • कौशल आधारित प्रतिभा प्रणाली विकसित करते हैं।

  • निरंतर सीखने में निवेश करते हैं।

वे तेज बदलाव और डिजिटल प्रतिस्पर्धा वाले माहौल में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

2026 में एचआर केवल लोगों का प्रबंधन नहीं कर रहा है, बल्कि भविष्य की कार्यशक्ति तैयार कर रहा है।

7. उन्नत पीपल एनालिटिक्स और कार्यबल योजना (Advanced People Analytics & Workforce Planning)

प्रतिभा निर्णयों के लिए पूर्वानुमान आधारित एनालिटिक्स (Predictive Analytics for Talent Decisions)

पूर्वानुमान आधारित एचआर एनालिटिक्स वास्तविक समय के डेटा का उपयोग करके यह अनुमान लगाती है कि कौन कर्मचारी नौकरी छोड़ सकता है और किसे बनाए रखने की जरूरत है।

इससे एचआर टीम समस्या होने से पहले समाधान तैयार कर सकती है।

कुछ कंपनियां एआई आधारित मॉडल के माध्यम से कई महीनों पहले ही 85 प्रतिशत से अधिक सटीकता के साथ कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की संभावना का अनुमान लगा रही हैं।

परिदृश्य योजना और कार्यबल पूर्वानुमान (Scenario Planning & Workforce Forecasting)

आज की एचआर टीमें बाजार की वृद्धि, ऑटोमेशन की दर, कौशल की कमी और श्रम लागत जैसे कारकों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की कार्यबल योजना बनाती हैं।

इससे संगठन रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।

8. कर्मचारी कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता (Well-Being and Mental Health Support)

समग्र वेलनेस कार्यक्रम (Holistic Wellness Programs)

कर्मचारी कल्याण कार्यक्रम अब केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं हैं। इसमें मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सहयोग भी शामिल है।

कंपनियां अब प्रदान कर रही हैं:

  • जरूरत पड़ने पर परामर्श सेवाएं।

  • तनाव प्रबंधन उपकरण।

  • वेलनेस बजट।

  • माइंडफुलनेस कार्यक्रम।

शोध बताते हैं कि समग्र वेलनेस कार्यक्रम कर्मचारी छोड़ने की दर को 20 से 30 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं।

9. नैतिक एआई और एचआर गवर्नेंस (Ethical AI and HR Governance)

एचआर टेक्नोलॉजी का जिम्मेदार उपयोग (Responsible Use of HR Tech)

जैसे-जैसे एचआर भर्ती और प्रदर्शन मूल्यांकन में एआई का उपयोग बढ़ा रहा है, वैसे-वैसे नैतिक नियंत्रण की आवश्यकता भी बढ़ गई है।

कई संगठन एआई एथिक्स कमेटी बना रहे हैं ताकि तकनीक का उपयोग पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो।

कुछ कंपनियां अपने एआई उपयोग के नियम सार्वजनिक कर रही हैं और स्वतंत्र ऑडिट भी करा रही हैं।

10. कर्मचारी वैल्यू प्रपोजिशन (EVP) का नया स्वरूप (Employee Value Proposition (EVP) Reimagined)

संस्कृति एक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के रूप में (Culture as a Competitive Advantage)

आज के समय में नौकरी बदलना आसान हो गया है। ऐसे में संगठन की संस्कृति और कर्मचारी वैल्यू प्रपोजिशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संगठन अब ध्यान दे रहे हैं:

  • उद्देश्य आधारित मिशन पर।

  • करियर विकास के अवसरों पर।

  • समावेशी नेतृत्व पर।

  • पारदर्शी संवाद पर।

मजबूत संस्कृति संगठन को प्रतिभाशाली कर्मचारियों को आकर्षित करने और बनाए रखने में मदद करती है।

निष्कर्ष: एचआर का रणनीतिक विकास (Conclusion: The Strategic Evolution of HR)

साल 2026 में मानव संसाधन केवल प्रशासनिक कार्य नहीं कर रहा है, बल्कि संगठन के भविष्य को दिशा दे रहा है।

एचआर लीडर्स अब तकनीक, प्रतिभा रणनीति और संगठनात्मक प्रदर्शन के केंद्र में हैं।

जिम्मेदारी से एआई अपनाकर, मानवीय अनुभव को प्राथमिकता देकर और लचीली व समावेशी संस्कृति विकसित करके एचआर टीमें बदलते कार्य वातावरण में संगठनों को सफल बना सकती हैं।

एआई का उपयोग, हाइब्रिड कार्य मॉडल, व्यक्तिगत लर्निंग, नैतिक प्रक्रियाएं और कौशल आधारित ढांचा — ये सभी कार्य के भविष्य को आकार दे रहे हैं।

जो एचआर पेशेवर इन प्रवृत्तियों को समझकर अपनाते हैं, वे अपने संगठन को निरंतर परिवर्तन और दीर्घकालिक सफलता की ओर ले जा सकते हैं।

TWN Opinion