शिक्षा में डिजिटल तकनीक की भूमिका

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16 Nov 2021
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साल 2020 में जब कोरोना Covid-19 की शुरुआत हुई और बच्चे स्कूल School जाने से वंचित हो गए, तो डिजिटल तकनीक ने ही शिक्षा को संभाला। आज अगर बच्चे घर बैठे पढ़ाई कर पा रहे हैं तो यह सिर्फ तकनीक की बदौलत ही हो पा रहा है।

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तकनीक के क्षेत्र में जिस तरह देश और दुनिया तरक्की कर रही है। उसको देखते हुए शिक्षा Education के क्षेत्र में काफी बदलाव हुए हैं, जिन बदलावों से बच्चों की पढ़ाई में उत्कृष्टता भी आई है और साथ ही कुछ ऐसे पहलू भी सामने आते हैं, जहां बच्चों को नुकसान भी हुआ है। जिस तरह से डिजिटल टेक्नोलॉजी Digital Technology ने बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बना दिया है, उसको देखते हुए इसके छोटे-मोटे नुकसान को नज़रअंदाज किया जा सकता है। हालाँकि डिजिटल तकनीक से होने वाले नुकसान में सुधार भी किया जा सकता है, अगर सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जाए तो डिजिटल टेक्नॉलॉजी ने बच्चों की पढ़ाई में आज के दौर में एक बड़ा महत्वपूर्ण किरदार निभाया है। 

शिक्षा में तकनीक का इस्तेमाल तो काफी पहले से होने लगा था, लेकिन साल 2020 में जब कोरोना Covid-19 की शुरुआत हुई और बच्चे स्कूल School जाने से वंचित हो गए, तो डिजिटल तकनीक ने ही शिक्षा को संभाला। आज अगर बच्चे घर बैठे पढ़ाई कर पा रहे हैं तो यह सिर्फ तकनीकी की बदौलत ही हो पा रहा है।

शिक्षा को सरल बनाती डिजिटल तकनीक

नई पीढ़ी New Generation के बच्चे डिजिटल तकनीक से पक्की दोस्ती कर चुके हैं। आजकल बच्चों से किसी भी तरह का सवाल पूछ लीजिए, वे गूगल की मदद से आपको सटीक जवाब खोज कर दिखा देंगे। जिस तरह डिजिटल तकनीक के साथ-साथ, नए-नए उपकरणों की पहुंच घर-घर तक बढ़ रही है, आज यह इस बात का ही नतीजा है कि घर में मौजूद बच्चे इन उपकरणों की मदद से शिक्षा को ग्रहण कर पा रहे हैं और हर उस सवाल का जवाब दे पा रहे हैं जो शायद पहले के दौर में किसी ने कल्पना में भी नहीं सोचा था। कोरोना काल के बाद से तो बच्चे घर से ही पढ़ाई कर रहे हैं। भले ही धीरे-धीरे स्कूल खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन फिलहाल तकनीकी की मदद से ही बच्चे अपने आप को उत्कृष्ट शिक्षा ग्रहण करने की तरफ आगे ले जा रहे हैं। 

बिना शिक्षक के ज्ञान बटोरने का माध्यम डिजिटल तकनीकी 

आजकल बच्चों को पढ़ाई करने के लिए शिक्षक के बिना ज्ञान बटोरने का माध्यम मिल गया है। ऑनलाइन माध्यम Online Platform पर इतने जरिए मौजूद हैं, जहां से किसी भी तरह की जानकारी हासिल की जा सकती है। बच्चे बिना शिक्षक की मदद से भी पढ़ाई कर रहे हैं। जिनके पास पैसा नहीं है, लेकिन स्मार्टफोन Smart phone है, वे अपनी पढ़ाई स्मार्टफोन के जरिए बिना शिक्षक के भी कर पा रहे हैं।

बदलता दौर और पढ़ाई के नए-नए मंच

तकनीकी हर बच्चे के सर चढ़कर बोल रही है। यह बदलता दौर पढ़ाई के नए-नए मंच मुहैया करा रहा है। आजकल ऑनलाइन कई ऐसे मंच Platform मौजूद हैं, जहां बच्चों की शिक्षा को आसानी से पूरा किया जा सकता है। नए उपकरणों की मौजूदगी जैसे कंप्यूटर Computer, लैपटॉप Laptop, स्मार्टफोन Smart phone, टेबलेट Tablet आदि ने शिक्षा के स्तर को काफी बढ़ा दिया है। आजकल बच्चे आसानी से यूट्यूब या फिर कई अन्य ऑनलाइन एप्लीकेशन्स Applications से अपनी पढ़ाई पूरी कर लेते हैं। 

डिजिटल तकनीक ने शिक्षा को मजेदार भी बनाया

नई तकनीक ने शिक्षा को मजेदार भी बना दिया है, जो बच्चे क्लास रूम Class Room में जाकर शिक्षक के पढ़ाने से बोर हो जाते थे। आज वे ऐसे माध्यम से पढ़ रहे हैं, जहां उन्हें मजेदार तरीकों से पढ़ाया जाता है। रचनात्मकता Creativity के साथ भी पढ़ाई के कई माध्यम मौजूद हो चुके हैं। जिसकी मदद से बच्चे इन माध्यमों का इस्तेमाल कर शिक्षा हासिल कर रहे हैं।

कुछ बच्चों की आदत होती है कि वह लिखने-पढ़ने से ज्यादा सुन और देखकर अच्छा सीखते हैं। ऑनलाइन माध्यम इस तरीके से शिक्षा देने में अव्वल है। कई माध्यम ऐसे भी मौजूद हैं, जहां जानकारी देने हेतु मनोरंजक सामग्री बनाई जाती है, जो बच्चों को सिखाती भी है, पढ़ाती भी है और उन्हें खुश Happy भी करती है। 

डिजिटल क्लास रूम का बोलबाला

पहले बच्चे स्कूल जाकर शिक्षक के सामने बैठा करते थे, लेकिन अब हर जगह डिजिटल क्लासरूम Digital Classroom बन चुके हैं। बच्चे अपने घर में मौजूद रहकर भी डिजिटल क्लासरूम में बने रहते हैं। अपनी कक्षा की पढ़ाई को पूर्ण करते हैं। डिजिटल क्लासरूम के साथ-साथ 3डी तकनीक 3D Technology की मदद से भी आजकल पढ़ाई करवाई जा रही है, जो काफी हद तक असली लगती है। बच्चे 3 डी तकनीक की मदद से विज्ञान गणित और अन्य विषयों पर ज़्यादा अच्छी तरह पारंगत हो पा रहे हैं। 

डिजिटल तकनीक से उज्जवल होता भविष्य  

ऑनलाइन शिक्षा और ऑनलाइन किताबों के द्वारा शिक्षा देने के माध्यम से बच्चों की पीठ पर लादा हुआ बस्ते का बोझ भी काफी कम हो सकता है। इसके साथ ही ऑनलाइन शिक्षा पर्यावरण को भी बचाती है, जहां कागज के इस्तेमाल में भी कमी आती है। भविष्य में तकनीक की मदद से सभी को एक समान शिक्षा मिलना भी संभव हुआ है, छात्रों के प्रदर्शन पर नज़र रखना भी काफी आसान बन गया है। देश के साथ-साथ विदेश के मेंटर भी बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं, ऑनलाइन माध्यम से आप कहीं से भी किसी के साथ जुड़ सकते हैं, इसीलिए यह माध्यम भविष्य के लिए उत्कृष्ट है। 

डिजिटल तकनीक से पढ़ाई करने के दौरान बच्चे कई बार इसका दुरुपयोग भी करते हैं, अगर इसके दुरुपयोग से बचकर केवल इसका सही इस्तेमाल किया जाए तो यह बच्चों के लिए एक वरदान के समान है। 

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