अमेजन के जंगलों का नष्ट होना पृथ्वी के लिए घातक

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02 Mar 2022
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जंगल मानव जाति के लिए वरदान हैं इसलिए वृक्षों और वनों को बचाने की आवश्यकता को अब बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अमेजन के जंगलों की स्थिति अब बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है। अमेजन के जंगलों का इतनी तेजी से विनाश करना सम्पूर्ण मानव जाति के साथ-साथ पृथ्वी के समस्त जैवमण्डल के लिए भी बहुत ही घातक साबित हो रहा है। अभी भी वक्त है इन प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और सहेजने का, नहीं तो आने वाले समय में इसके भयानक परिणाम देखने को मिलेंगे। 

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ये तो हम सब जानते हैं कि जंगल इंसान के लिए प्रकृति का दिया हुआ एक बहुत ही खूबसूरत तोहफा है। क्योंकि इनके बिना हम जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। वन जलवायु को नियंत्रित रखते हैं यानि जलवायु नियंत्रण climate control में जंगलों का बहुत बड़ा सहयोग है। जिससे समय पर बारिश होती है और समय पर ही हर ऋतु आती है। वनों को सुरक्षित करके हम वातावरण को सुरक्षित कर सकते हैं। आज के समय में मनुष्य अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए destruction of forests वनों का विनाश कर रहा है। मनुष्य भूल रहा है कि वन हमें श्वास के लिए शुद्ध वायु देकर हमें जीवन दान देते हैं। एक जंगल में बड़ी संख्या में , घने वृक्षों, झाड़ियों और विभिन्न किस्मों के पौधे शामिल होते हैं। प्रकृति की ये खूबसूरत रचनाएँ और विभिन्न प्रजातियों के जानवरों और विविध प्रकार के पौधों से आच्छादित एक विशाल विस्तार को जंगल के रूप में जाना जाता है। दुनिया भर में विभिन्न प्रकार के वन हैं जो वनस्पतियों और जीवों की विभिन्न प्रजातियों Various species of flora and fauna के लिए घर हैं और मनुष्य के लिए तो जीने का एक बहुत बड़ा जरिया हैं पर बदकिस्मती की बात यह है कि आज आदमी इन जंगलों को अपने मतलब के लिए काटता जा रहा है और ऐसे कई जंगल के जंगल नष्ट हो रहे हैं। ऐसे ही अमेजन के जंगलों amazon forest का नष्ट होना पृथ्वी के लिए बहुत ही घातक सिद्ध हो रहा है। 

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि अमेजन के जंगलों का नष्ट होना एक बहुत ही खतरनाक संकेत है और पृथ्वी के लिए बहुत ही घातक। हर कोई चिंतित है कि क्या दुनिया को 20% ऑक्सीजन देने वाला जंगल धीरे धीरे खत्म हो जायेगा। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा, University of Florida के एक भू और पर्यावरण विशेषज्ञ वैज्ञानिक रॉबर्ट वाकर Earth and Environment Specialist Scientist Robert Walker का कहना है कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो मनुष्य इस धरती के जैवमण्डल को 1/5 भाग ऑक्सीजन देनेवाले अमेजन के जंगलों को 40-45 वर्ष में नष्ट कर देगा। दुनिया के सबसे बड़े जंगल अमेजन को धरती का फेफड़ा lung of the earth भी कहा जाता है। अमेजन जंगल की खत्म होने की मुख्य वजह हैं- आग, लगातार पेड़ों की कटाई और क्लाइमेट चेंज। कॉमनवेल्थ सांइटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गानाइजेशन Commonwealth Scientific and Industrial Research Organization नामक संस्था के अनुसार पिछले 30 वर्षों में अमेजन के 324,000 वर्ग किलोमीटर के जंगल बहुत ही निर्दयतापूर्वक जलाए जा चुके हैं। अमेजन के जंगल की आग और इसकी कटाई का खामियाजा भविष्य में लोगों को भुगतना पड़ेगा। इस जंगल को लेकर पर्यावरण विशेषज्ञ इस चिंता में हैं कि यह जंगल एक समय बाद पूरी तरह सूखा मैदान बन जाएगा और यहां की हरियाली बस खाली मैदान में बदल जाएगी। ब्राजील में रिकॉर्ड रफ्तार से अमेजन के जंगलों का सफाया हो रहा है। अमेजन जंगल लगभग 21 लाख वर्गमील या 54.39 लाख वर्ग किलोमीटर के विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ दुनिया का एक समृद्ध जंगल है। अमेजन के जंगल में लगी आग और ग्लोबल वर्मिंग Forest fires and global warming की वजह से पिघल रहे ग्लेशियर से चिंता और भी बढ़ जाती है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट International Center for Integrated Mountain Development द्वारा निर्मित एक रिपोर्ट में बहुत अहम् चेतावनी दी गई थी कि सदी के अंत तक हिमालय अपनी बर्फ के एक तिहाई हिस्से तक को खो सकता है। 

जंगल पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हैं और यदि इन प्राकृतिक स्त्रोतों को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचता है तो उसके परिणाम चिंता की ओर इशारा करते हैं। इसी तरह ब्राजील के अमेज़ॅन में वनों की कटाई deforestation से पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुँच रहा है। दरअसल अमेजन के जंगल amazon forest बारिश कराने में अहम भूमिका निभाते हैं और दक्षिण अमेरिका South America के ब्राजील Brazil में मौजूद दुनिया का सबसे बड़ा वर्षा वन world's largest rainforest है लेकिन अब यह सबकी चिंता का विषय बन गए हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि साल 2022 ब्राजील के जंगलों के लिए भी काफी विनाशकारी साबित हो सकता है। अमेजन, इस दुनिया के सबसे बड़े जंगल में वनस्पति और जीव जंतुओं की लगभग 30 लाख प्रजातियां पाई जाती हैं। ये तो सब जानते हैं कि अमेजन के जंगल जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ये जंगल हर साल लाखों टन कार्बन उत्सर्जन को सोख लेते हैं। जब पेड़ों को मनुष्य द्वारा काटा या जलाया जाता है तो उनके अंदर जमा हुआ कार्बन वायुमंडल में चला जाता है। यहां पर आग लगने से दुनियाभर के वैज्ञानिक और पर्यावरणविद परेशान है। वैज्ञानिकों ने ये भी कहा है कि अगर यूँ ही चलता रहा तो हिमालय में ग्लेशियर तेजी से पिघलने लगेंगे और साल 2050 तक 650 ग्लेशियरों के पिघल जाने का अनुमान है। अमेजन के जंगल में आग लगने से सबसे पहले ऑक्सीजन में कमी होगी और साथ ही ग्लेशियरों के पिघलने से भविष्य में पानी की कमी होगी। ऑक्सीजन और पानी की कमी से लाखों लोगों के जीवन पर भी असर पड़ेगा जो कि बहुत ही सोचने वाला विषय है। साइंस एडवांसेज में प्रकाशित अध्ययन में ये निष्कर्ष निकाला गया कि हिमालय के ग्लेशियर साल 2000 के बाद से हर साल 1.5 फीट बर्फ को खो रहे हैं। 

साल 2020 के सिर्फ 4 महीनों में अमेजन के जंगलों का 1202 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा बहुत ही बुरी तरह उजाड़ दिया गया था। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय Aligarh Muslim University (एएमयू) के भूगोल विभाग के प्रोफेसर सईद नौशाद अहमद Professor Syed Naushad Ahmed, Department of Geography ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन Climate change ऐसी गंभीर समस्या है, जिसका समाधान निकालना बेहद जरूरी है। अमेजन के जंगलों के विनाश को देखते हुए प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थान वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ Global Institute World Wildlife के अनुसार 2030 तक अमेजन के जंगलों का 27 प्रतिशत भाग निश्चित रूप से नष्ट हो सकता है जो कि बहुत ही सोचनीय बात है। यूरोपियन यूनियन अर्थ ऑब्जर्वेशन प्रोग्राम के सेटेलाइट satellites of the european union earth observation program और विभिन्न समाचार माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार अमेजन के इन जंगलों में पिछले साल महीनों तक भयावह आग लगी रही इस आग की भयंकर लपटें 2700 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं। लगभग 54.39 लाख वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले इस जंगल की आग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल से लगभग 3200 किलोमीटर दूर ब्राजीलियन शहर साओ पाउला और उसके आसपास के अन्य क्षेत्र में भी इतना काला धुँआ भर गया था कि वहाँ दिन के समय में भी सूरज नहीं दिखाई दे रहा था। इस आग ने न जाने कितने विभिन्न प्रकार के परिदों, स्तनधारी जीवों, कीटपतंगों, चिड़ियों, तितलियों, कीटों, सरिसृपों, हजारों किस्मों के वृक्षों आदि को राख बना दिया। कुछ स्वार्थी लोगों और पर्यावरण के दुश्मनों की गहरी साजिश के कारण ब्राजील के अमेजन के जंगलों को तेजी से काटा जा रहा है।

पर्यावरण के अर्थ को समझने वाले और पशुपक्षियों के जीवन से प्रेम करने वाले लोग दुनिया को 20% ऑक्सीजन देने वाले जंगलों के विनाश पर बहुत ही दुःखी, निशब्द, स्तब्ध और क्षुब्ध हैं। अमेजन के जंगलों का इतनी तेजी से विनाश करना सम्पूर्ण मानव जाति के साथ-साथ पृथ्वी के समस्त जैवमण्डल के लिए भी बहुत ही घातक साबित हो रहा है इसलिए इस पृथ्वी पर सांस लेने के लिए प्रकृति के इस वरदान को यानि इन जंगलों को हम सबको मिलकर किसी भी तरह से बचाना ही होगा, अन्यथा भविष्य में वो दिन दूर नहीं है, जब ऑक्सीजन की कमी के कारण सम्पूर्ण मानव जाति सांस लेने में असमर्थ हो जायेगी और हमारे अस्तित्व को फिर शायद ही कोई बचा पाये। 

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https://www.thinkwithniche.in/blogs/details/conservation-of-forests-a-strong-solution-to-climate-change

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