आज के समय में वैश्विक सप्लाई चेन Global Supply Chain यानी आपूर्ति शृंखलाएं तेजी से बदल रही हैं। कंपनियों पर पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने, अपने कारोबार को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने तथा कच्चे माल की नैतिक और जिम्मेदार तरीके से खरीद सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ रहा है।
जलवायु परिवर्तन, कड़े सरकारी नियमों और उपभोक्ताओं की बढ़ती उम्मीदों ने कंपनियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उनके उत्पादों का स्रोत क्या है, उन्हें कैसे बनाया जाता है, कैसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है और आखिरकार ग्राहकों तक कैसे पहुंचते हैं।
इस नए दौर में स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) अब केवल एक अतिरिक्त पहल नहीं रही, बल्कि कंपनियों की मुख्य कारोबारी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।
अब कंपनियां अपने संचालन में जिम्मेदार सोर्सिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, सर्कुलर डिजाइन और कम-कार्बन लॉजिस्टिक्स को शामिल कर रही हैं। विशेष रूप से Scope 3 उत्सर्जन को कम करने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। यह उत्सर्जन कंपनियों के कुल कार्बन फुटप्रिंट का बड़ा हिस्सा होता है और मुख्य रूप से सप्लायर, परिवहन और उत्पादों के उपयोग से उत्पन्न होता है।
इसी कारण कंपनियां अब अपने सप्लायरों के साथ मिलकर काम कर रही हैं, डिजिटल पारदर्शिता से जुड़े उपकरणों का उपयोग कर रही हैं और पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) तथा रीसाइक्लेबल सामग्री में निवेश कर रही हैं। इसका उद्देश्य अधिक टिकाऊ और जिम्मेदार वैल्यू चेन (More Sustainable and Responsible Value Chains) तैयार करना है।
टेक्नोलॉजी, रिटेल, परिधान, मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य उत्पादन जैसे कई क्षेत्रों में आज कई बड़ी कंपनियां यह साबित कर रही हैं कि सस्टेनेबिलिटी केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं बल्कि व्यवसाय के लिए भी लाभदायक है।
सप्लाई चेन प्रबंधन में पर्यावरणीय जिम्मेदारी Environmental Responsibility in Supply Chain Management को शामिल करके ये कंपनियां अपने साझेदारों के साथ मजबूत संबंध बना रही हैं, संचालन की दक्षता बढ़ा रही हैं और भविष्य के लिए अपने कारोबार को सुरक्षित बना रही हैं।
नीचे दी गई कंपनियां उन प्रमुख संगठनों में शामिल हैं जिनकी टिकाऊ सप्लाई चेन 2026 में वैश्विक व्यापार की दिशा तय कर रही है।
PepsiCo ने अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति में सस्टेनेबिलिटी को एक महत्वपूर्ण आधार बना लिया है। इसके लिए कंपनी ने PepsiCo Positive (pep+) नाम से एक परिवर्तन कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य कंपनी की पूरी सप्लाई चेन में पर्यावरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी को शामिल करना है। इसमें खेती से लेकर पैकेजिंग और उत्पादों की डिलीवरी तक सभी चरण शामिल हैं।
खाद्य उद्योग में कार्बन उत्सर्जन का एक बड़ा कारण कृषि क्षेत्र है। इस चुनौती से निपटने के लिए पेप्सिको रिजेनेरेटिव एग्रीकल्चर (पुनर्योजी कृषि) को बढ़ावा दे रही है। कंपनी लाखों हेक्टेयर जमीन पर ऐसे खेती के तरीके अपनाने में मदद कर रही है जिनसे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरे, फसल चक्र बेहतर हो, उर्वरकों का उपयोग कम हो और पानी की बचत हो। इन खेतों में आलू, मक्का, जई और चीनी जैसी फसलों की खेती की जाती है।
पेप्सिको के सस्टेनेबिलिटी एजेंडे में पैकेजिंग भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कंपनी प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए रीसाइक्लेबल, कम्पोस्टेबल और दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली पैकेजिंग पर बड़ा निवेश कर रही है। हल्की पैकेजिंग डिजाइन और रीसाइक्लिंग सामग्री का उपयोग भी पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने में मदद कर रहा है।
इसके अलावा कंपनी अपनी सप्लाई चेन को अधिक कुशल बनाने के लिए आधुनिक लॉजिस्टिक्स तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है। इससे ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन कम हो रहा है। इन उपायों में बेहतर परिवहन मार्ग, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग और ऊर्जा-कुशल उत्पादन इकाइयां शामिल हैं।
वैश्विक खाद्य और पेय उद्योग में अपने बड़े नेटवर्क और प्रभाव के कारण पेप्सिको टिकाऊ कृषि और सर्कुलर पैकेजिंग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Schneider Electric को टिकाऊ औद्योगिक सप्लाई चेन के क्षेत्र में वैश्विक नेता माना जाता है। कंपनी डिजिटल तकनीक और ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों को जोड़कर उत्पादन प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और पर्यावरण के अनुकूल बनाती है।
कंपनी का EcoStruxure प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, IoT सेंसर और डेटा एनालिटिक्स की मदद से काम करता है। यह सिस्टम कंपनियों को ऊर्जा खपत पर नजर रखने, कार्बन उत्सर्जन को ट्रैक करने और फैक्ट्री तथा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करता है।
श्नाइडर इलेक्ट्रिक की सस्टेनेबिलिटी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Zero Carbon Project है। इस पहल का लक्ष्य दशक के अंत तक हजारों सप्लायरों के कार्बन उत्सर्जन को आधा करना है।
इस कार्यक्रम के तहत कंपनी अपने सप्लायरों को नए उपकरण, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देती है ताकि वे नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा-कुशल तकनीकों को अपनाएं।
साथ ही कंपनी सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों को भी बढ़ावा देती है। इसके तहत उत्पादों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि उनकी उम्र अधिक हो, उन्हें आसानी से रीसाइक्ल किया जा सके और संसाधनों का उपयोग कम हो।
डिजिटल तकनीक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को साथ लेकर श्नाइडर इलेक्ट्रिक यह दिखाती है कि औद्योगिक सप्लाई चेन भी दुनिया को नेट-जीरो उत्सर्जन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा सकती हैं।
Microsoft ने अपनी वैश्विक गतिविधियों और सप्लाई चेन प्रबंधन में सस्टेनेबिलिटी को महत्वपूर्ण स्थान दिया है। कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि वह 2030 तक कार्बन नेगेटिव बनेगी और 2050 तक अपने सभी पुराने कार्बन उत्सर्जन को समाप्त करेगी।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कई संचालन कार्यों को 100 प्रतिशत नवीकरणीय बिजली पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। इससे उसके दफ्तरों, डेटा सेंटरों और सप्लाई नेटवर्क का पर्यावरणीय प्रभाव काफी कम हो रहा है।
इसके साथ ही कंपनी उन्नत डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर रही है। इन तकनीकों की मदद से हार्डवेयर निर्माण और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सप्लाई चेन में होने वाले उत्सर्जन की निगरानी की जाती है और उन्हें कम करने के उपाय किए जाते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट अपने उत्पादों के डिजाइन में सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों को भी महत्व दे रही है। अब कंपनी ऐसे डिवाइस बनाने पर ध्यान दे रही है जिन्हें आसानी से ठीक किया जा सके, रीसाइक्ल किया जा सके और जिनसे उपयोगी सामग्री दोबारा प्राप्त की जा सके।
कंपनी का Supplier Code of Conduct सप्लायरों के लिए सख्त पर्यावरणीय और नैतिक मानकों को अनिवार्य बनाता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ प्राप्त किया जाए।
इन पहलों के कारण माइक्रोसॉफ्ट की सप्लाई चेन आज दुनिया की सबसे पारदर्शी और भविष्य को ध्यान में रखने वाली तकनीकी सप्लाई चेन में से एक मानी जाती है।
Danone ने अपनी सप्लाई चेन रणनीति को रिजेनेरेटिव एग्रीकल्चर और टिकाऊ सोर्सिंग पर आधारित किया है। कंपनी किसानों और कृषि समुदायों के साथ मिलकर काम करती है ताकि जैव विविधता बढ़े, मिट्टी की गुणवत्ता सुधरे और कार्बन उत्सर्जन कम हो।
डेनोन किसानों को नई खेती पद्धतियां अपनाने में सहायता देती है। इनमें फसलों की विविधता बढ़ाना, मिट्टी में कार्बन को पुनर्स्थापित करना और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करना शामिल है।
कंपनी अपने उत्पादन संयंत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को तेजी से बढ़ा रही है। इसके साथ ही पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग समाधानों में भी निवेश कर रही है।
उन्नत सप्लाई चेन ट्रेसबिलिटी सिस्टम के माध्यम से डेनोन यह सुनिश्चित करती है कि दूध, फल और अनाज जैसे कच्चे माल जिम्मेदारी और टिकाऊ तरीके से प्राप्त किए जाएं।
इन पहलों से उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होता है और कंपनी की वैश्विक खाद्य सप्लाई चेन लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत बनी रहती है।
Nestlé दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सप्लाई चेन में से एक संचालित करती है। कंपनी कई महाद्वीपों में फैले लाखों किसानों से कच्चा माल प्राप्त करती है।
पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए नेस्ले रिजेनेरेटिव एग्रीकल्चर कार्यक्रमों regenerative agriculture programs में बड़ा निवेश कर रही है। ये कार्यक्रम खासकर कॉफी, कोको, डेयरी और अनाज जैसी प्रमुख फसलों पर केंद्रित हैं। इनका उद्देश्य मिट्टी की गुणवत्ता सुधारना, वनों की कटाई को कम करना और जलवायु परिवर्तन के प्रति कृषि को अधिक मजबूत बनाना है।
नेस्ले ने सिंगल-यूज प्लास्टिक को कम करने और पैकेजिंग में रीसाइक्ल की गई सामग्री का उपयोग बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी की सस्टेनेबिलिटी योजना में 2050 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल है। इस लक्ष्य को पूरा करने में सप्लायरों और भागीदारों के साथ सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
किसानों के समर्थन कार्यक्रमों, पारदर्शिता पहलों और जिम्मेदार सोर्सिंग नीतियों के माध्यम से नेस्ले अपनी वैश्विक गतिविधियों में सस्टेनेबिलिटी को गहराई से शामिल कर रही है।
Apple ने तकनीकी उद्योग में सबसे उन्नत और पारदर्शी सप्लाई चेन में से एक विकसित की है। कंपनी अपनी उत्पादन प्रक्रिया में पर्यावरण के अनुकूल तरीकों को अपनाने पर लगातार जोर दे रही है।
एप्पल का Supplier Clean Energy Program अपने मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स को नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस पहल के तहत सैकड़ों सप्लायर पहले ही एप्पल के उत्पादों के निर्माण के लिए स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं।
एप्पल इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जिम्मेदार सोर्सिंग को भी प्राथमिकता देता है। इसमें रीसाइक्ल किए गए रेयर अर्थ एलिमेंट्स और एल्युमिनियम जैसी सामग्री का उपयोग शामिल है।
कंपनी ने उन्नत रीसाइक्लिंग तकनीकें भी विकसित की हैं जो पुराने उपकरणों से मूल्यवान सामग्री को दोबारा प्राप्त करती हैं। इससे नए प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता कम होती है।
एप्पल का लक्ष्य है कि 2030 तक अपने सभी उत्पादों के पूरे जीवन चक्र में कार्बन न्यूट्रलिटी हासिल की जाए। इस लक्ष्य के कारण सस्टेनेबिलिटी कंपनी की वैश्विक सप्लाई चेन की एक प्रमुख पहचान बन चुकी है।
Walmart दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल सप्लाई चेन में से एक संचालित करता है। कंपनी हजारों सप्लायरों और कई उद्योगों के साथ मिलकर काम करती है।
अपने Project Gigaton कार्यक्रम के माध्यम से वॉलमार्ट का लक्ष्य है कि 2030 तक एक अरब टन ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम किया जाए या उससे बचा जाए।
यह कार्यक्रम सप्लायरों को ऊर्जा, पैकेजिंग, कृषि और कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में टिकाऊ तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
वॉलमार्ट अपने सप्लायरों की प्रगति को मापने के लिए उन्नत डेटा एनालिटिक्स और रिपोर्टिंग टूल का उपयोग करता है। इन तकनीकों की मदद से कंपनी उत्सर्जन में कमी और पर्यावरणीय प्रभाव को बेहतर तरीके से ट्रैक कर पाती है।
अपने बड़े नेटवर्क और खरीद क्षमता का उपयोग करते हुए वॉलमार्ट रिटेल उद्योग में सस्टेनेबिलिटी के नए मानक स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
Patagonia को लंबे समय से नैतिक और टिकाऊ फैशन सप्लाई चेन का अग्रणी माना जाता है। कंपनी अपने उत्पादन नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखती है ताकि वैश्विक स्तर पर निष्पक्ष श्रम नीतियां और जिम्मेदार सोर्सिंग सुनिश्चित की जा सके।
पैटागोनिया का Worn Wear Program ग्राहकों को कपड़ों को फेंकने के बजाय उनकी मरम्मत करने और दोबारा इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करता है।
कंपनी अपने कई उत्पादों में रीसाइक्ल की गई सामग्री का उपयोग करती है और सप्लायरों के साथ मिलकर टिकाऊ कपड़ा तकनीकों को विकसित करने पर काम करती है।
टिकाऊ डिजाइन, मरम्मत योग्य उत्पादों और पारदर्शी सप्लाई चेन पर ध्यान देकर पैटागोनिया यह दिखाती है कि फैशन कंपनियां भी पर्यावरणीय प्रभाव को कम करते हुए मजबूत ब्रांड विश्वास बनाए रख सकती हैं।
Interface टिकाऊ मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक वैश्विक अग्रणी कंपनी बनकर उभरी है। कंपनी मॉड्यूलर फ्लोरिंग उत्पाद बनाती है जिनमें बड़ी मात्रा में रीसाइक्ल और बायो-आधारित सामग्री का उपयोग किया जाता है।
कंपनी ने क्लोज्ड-लूप रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित किया है। इसके तहत पुराने फ्लोरिंग उत्पादों को वापस लेकर उन्हें दोबारा नई फ्लोरिंग बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इससे कचरा कम होता है और संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है।
इंटरफेस की Climate Take Back रणनीति Climate Take Back strategy का उद्देश्य ऐसी सप्लाई चेन बनाना है जो केवल नुकसान कम न करे बल्कि पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव भी डाले।
कंपनी के कई फ्लोरिंग उत्पादों को कार्बन-न्यूट्रल प्रमाणन मिला है। यह पुनर्योजी मैन्युफैक्चरिंग के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
IKEA ने वैश्विक रिटेल क्षेत्र में सबसे टिकाऊ सप्लाई चेन में से एक विकसित की है। कंपनी अपनी लॉजिस्टिक्स प्रणाली को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रही है।
आईकेईए शून्य-उत्सर्जन परिवहन (zero-emission transportation) को बढ़ावा दे रही है। इसमें इलेक्ट्रिक डिलीवरी वाहन और कम कार्बन उत्सर्जन वाले माल परिवहन सिस्टम शामिल हैं।
आईकेईए अपने उत्पादों को इस तरह डिजाइन करती है कि उनके जीवन चक्र के अंत में सामग्री को रीसाइक्ल, दोबारा उपयोग या नए उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
कंपनी अपने कई स्टोर और वितरण केंद्रों में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग भी कर रही है।
लकड़ी और कपास जैसे कच्चे माल की जिम्मेदार सोर्सिंग के साथ टिकाऊ उत्पाद डिजाइन को जोड़कर आईकेईए पर्यावरण-अनुकूल रिटेल संचालन के नए मानक स्थापित कर रही है।
| कंपनी (Company) | मुख्य फोकस क्षेत्र (Primary Focus Area) | प्रमुख पहल (Key Initiative) |
|---|---|---|
| IKEA | सर्कुलर रिटेल | 100% शून्य-उत्सर्जन डिलीवरी |
| Interface | पुनर्योजी मैन्युफैक्चरिंग | कार्बन-नेगेटिव कार्पेट बैकिंग |
| Patagonia | नैतिक परिधान | Worn Wear और ROC कॉटन |
| Walmart | बड़े स्तर पर डीकार्बोनाइजेशन | प्रोजेक्ट गीगाटन |
| Apple | सामग्री का सर्कुलर उपयोग | Supplier Clean Energy Program |
| Nestlé | पुनर्योजी सोर्सिंग | कोको और कॉफी में एग्रोफॉरेस्ट्री |
| Danone | कृषि सुधार | पुनर्योजी डेयरी ट्रांजिशन |
| Microsoft | डिजिटल डीकार्बोनाइजेशन | 2030 तक कार्बन नेगेटिव लक्ष्य |
| Schneider Electric | औद्योगिक दक्षता | ज़ीरो कार्बन प्रोजेक्ट |
| PepsiCo | फार्म-टू-शेल्फ मॉडल | pep+ पुनर्योजी कृषि |
आज के समय में टिकाऊ सप्लाई चेन केवल एक विकल्प नहीं रह गई है। यह उन कंपनियों के लिए जरूरी बन चुकी है जो तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी बने रहना चाहती हैं।
पर्यावरण संबंधी नियमों, निवेशकों की अपेक्षाओं और उपभोक्ताओं की मांग ने कंपनियों को पारंपरिक सप्लाई चेन मॉडल पर फिर से विचार करने के लिए प्रेरित किया है। अब व्यवसायों को अपने संचालन में सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता देनी पड़ रही है।
IKEA, Apple, Microsoft, Walmart और Patagonia जैसी कंपनियां दिखाती हैं कि सप्लाई चेन में सस्टेनेबिलिटी को शामिल करने से कई फायदे मिल सकते हैं। इससे संचालन अधिक कुशल बनता है, जोखिम कम होता है और ब्रांड की प्रतिष्ठा मजबूत होती है।
भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन और उन्नत डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों के बढ़ते उपयोग से सप्लाई चेन की पारदर्शिता और जवाबदेही और बेहतर होगी।
साथ ही कंपनियों, सप्लायरों, सरकारों और उपभोक्ताओं के बीच सहयोग भी बहुत महत्वपूर्ण रहेगा। इसी सहयोग के माध्यम से वैश्विक जलवायु और सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
इस सूची में शामिल संगठन केवल अपने संचालन में बदलाव नहीं ला रहे हैं, बल्कि वे ऐसे नए मानक स्थापित कर रहे हैं जो भविष्य में वैश्विक व्यापार की दिशा तय करेंगे।