भारत ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 85 पदक अपने नाम किए। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत का यह प्रदर्शन एशियन गेम्स के इतिहास में उसका दूसरा सबसे बड़ा पदक प्रदर्शन रहा। भारत का अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में रहा था, जहां देश ने कुल 106 पदक जीते थे।
कुल पदकों के मामले में भारत इस बार चौथे स्थान पर रहा। पदक तालिका में चीन पहले, जापान दूसरे और दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने इन एशियाई खेलों में कई खेलों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए अपनी स्थिति को और बेहतर किया।
भारत के इस अभियान में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ कई युवा और उभरते हुए खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, शूटिंग, बॉक्सिंग और कुश्ती भारत के सबसे सफल खेलों में शामिल रहे। वहीं, हॉकी, कबड्डी और क्रिकेट जैसे टीम खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
इस बार कई भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसे मुकाबलों में पदक जीते, जहां इससे पहले भारत का प्रदर्शन पदक तक नहीं पहुंच पाया था। इन ऐतिहासिक उपलब्धियों ने 2026 एशियन गेम्स को भारतीय खेलों के लिए खास बना दिया।
भारत का यह अभियान केवल 85 पदकों की संख्या तक सीमित नहीं रहा। इन खेलों में देश के पारंपरिक खेलों के साथ-साथ कई उभरते हुए खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने भारतीय खेलों में बढ़ती प्रतिभा और गहराई को सामने रखा।
इसके अलावा, कुछ खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के जरिए महत्वपूर्ण ओलंपिक क्वालिफिकेशन के अवसर भी हासिल किए। इस तरह एशियन गेम्स 2026 भारत के लिए केवल पदक जीतने का मंच नहीं रहा, बल्कि इसने आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए भी भारतीय खिलाड़ियों की तैयारियों को मजबूत किया।
भारत ने एशियन गेम्स 2026 का अपना अभियान कुल 85 पदकों के साथ समाप्त किया। भारत ने इस प्रतियोगिता में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा।
भारत और उज्बेकिस्तान दोनों ने 21-21 स्वर्ण पदक जीते। हालांकि, अधिक रजत पदक होने के कारण भारत पदक तालिका में उज्बेकिस्तान से ऊपर रहा। उज्बेकिस्तान ने 21 स्वर्ण, 25 रजत और 24 कांस्य सहित कुल 70 पदक जीते, जबकि भारत के खाते में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक आए।
पदक तालिका में चीन सबसे ऊपर रहा। चीन ने 169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य पदक सहित कुल 341 पदक जीते। जापान 83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य सहित कुल 269 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, दक्षिण कोरिया ने 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य सहित कुल 150 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया।
इसके बावजूद, 2026 का प्रदर्शन एशियन गेम्स में भारत का दूसरा सबसे बड़ा पदक प्रदर्शन रहा। इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने कई अलग-अलग खेलों में पदक जीतकर देश की खेल प्रतिभा की व्यापकता को दिखाया।
भारत ने इस प्रतियोगिता में तीरंदाजी, शूटिंग, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती, क्रिकेट, हॉकी, कबड्डी, गोल्फ, स्क्वैश, सेलिंग, वेटलिफ्टिंग, वुशु, बैडमिंटन, रोइंग, टेबल टेनिस, कुराश, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, सेपकटकरॉ और सॉफ्ट टेनिस में पदक जीते।
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भारत के लिए एथलेटिक्स सबसे सफल खेल रहा। भारतीय एथलीटों ने इस खेल में कुल 24 पदक जीते। इसके बाद शूटिंग में 15 और तीरंदाजी में 9 पदक मिले। बॉक्सिंग और कुश्ती में भारत ने 6-6 पदक जीते।
| खेल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल पदक |
|---|---|---|---|---|
| एथलेटिक्स | 1 | 9 | 14 | 24 |
| शूटिंग | 3 | 8 | 4 | 15 |
| तीरंदाजी | 5 | 2 | 2 | 9 |
| बॉक्सिंग | 3 | 0 | 3 | 6 |
| कुश्ती | 2 | 2 | 2 | 6 |
| स्क्वैश | 0 | 2 | 3 | 5 |
| क्रिकेट | 2 | 0 | 0 | 2 |
| हॉकी | 2 | 0 | 0 | 2 |
| कबड्डी | 2 | 0 | 0 | 2 |
| गोल्फ | 1 | 1 | 0 | 2 |
| सेलिंग | 0 | 1 | 2 | 3 |
| वेटलिफ्टिंग | 0 | 1 | 0 | 1 |
| वुशु | 0 | 1 | 0 | 1 |
| बैडमिंटन | 0 | 0 | 1 | 1 |
| कुराश | 0 | 0 | 1 | 1 |
| मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स | 0 | 0 | 1 | 1 |
| रोइंग | 0 | 0 | 1 | 1 |
| सेपकटकरॉ | 0 | 0 | 1 | 1 |
| सॉफ्ट टेनिस | 0 | 0 | 1 | 1 |
| टेबल टेनिस | 0 | 0 | 1 | 1 |
| कुल | 21 | 27 | 37 | 85 |
खेलों के अनुसार आंकड़ों पर नजर डालें तो एथलेटिक्स ने भारत की कुल पदक संख्या में सबसे बड़ा योगदान दिया। इस खेल से भारत को 24 पदक मिले, जो देश के कुल 85 पदकों का लगभग एक-तिहाई है।
शूटिंग और तीरंदाजी ने भी भारत के पदक अभियान को मजबूत बनाया। इन दोनों खेलों में खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित स्पर्धाओं में पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।
कुल मिलाकर, एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन कई खेलों में फैला हुआ रहा। केवल कुछ चुनिंदा खेलों पर निर्भर रहने के बजाय भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग पारंपरिक और उभरते हुए खेलों में भी पदक हासिल किए। इससे एशियाई स्तर पर भारतीय खेलों में बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और विविधता दिखाई दी।
एशियन गेम्स 2026 में तीरंदाजी भारत के सबसे सफल खेलों में से एक रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने इस खेल में कुल 9 पदक जीते, जिनमें 5 स्वर्ण पदक शामिल रहे। भारत का यह प्रदर्शन 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में तीरंदाजी से मिले रिकॉर्ड पदक के बराबर रहा।
भारत ने तीनों कंपाउंड टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। महिला कंपाउंड टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनीपार्थी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं, पुरुष कंपाउंड टीम में साहिल जाधव, गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु और कुशल दलाल ने स्वर्ण पदक जीता।
चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव ने मिश्रित कंपाउंड टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह जीत भारत के लिए खास रही, क्योंकि इस प्रदर्शन के साथ दोनों ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा भी हासिल किया।
रिकर्व तीरंदाजी में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत ने रिकर्व की सभी पांच स्पर्धाओं में पदक जीते। दिए गए स्रोत के अनुसार, यह इस वर्ग में एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा।
कुमकुम मोहोड़ ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और इसके साथ लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक कोटा भी हासिल किया।
कुमकुम मोहोड़ ने धीरज बोम्मदेवरा के साथ मिलकर मिश्रित टीम रिकर्व स्पर्धा में रजत पदक भी जीता। वहीं, अंकिता भकत, कुमकुम मोहोड़ और कीर्ति शर्मा की महिला टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
एशियन गेम्स 2026 में एथलेटिक्स भारत का सबसे अधिक पदक दिलाने वाला खेल रहा। भारतीय एथलीटों ने इस खेल में कुल 24 पदक जीते। इनमें 1 स्वर्ण, 9 रजत और 14 कांस्य पदक शामिल रहे।
एथलेटिक्स का एकमात्र स्वर्ण पदक प्रतियोगिता के अंतिम दिन आया। भारत की महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में किरण पहल, पूवम्मा एमआर, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज शामिल थीं।
विथ्या रामराज Vithya Ramraj एशियन गेम्स 2026 में भारत की प्रमुख एथलीटों में शामिल रहीं। उन्होंने महिला 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण, मिश्रित 4x400 मीटर रिले में रजत और महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता।
इसके अलावा, दिए गए स्रोत के अनुसार विथ्या रामराज ने महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा। उनके प्रदर्शन ने भारत के एथलेटिक्स अभियान को और मजबूत बनाया।
लंबी दूरी की दौड़ के भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह Gulveer Singh ने भी एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर और 1,500 मीटर स्पर्धाओं में रजत पदक जीते। इसके बाद उन्होंने 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक भी अपने नाम किया।
इस तरह गुलवीर सिंह ने कुल तीन पदक जीते और प्रतियोगिता में भारत के सबसे सफल व्यक्तिगत खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई।
एथलेटिक्स में भारत के कुछ अन्य खिलाड़ियों ने भी यादगार प्रदर्शन किया। बारनिका एलंगोवन ने महिला पोल वॉल्ट में कांस्य पदक जीता। स्रोत के अनुसार, यह इस स्पर्धा में एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का पहला पदक था।
वहीं, सावन बरवाल ने मैराथन में रजत पदक हासिल किया। उनका यह प्रदर्शन राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ आया। इन उपलब्धियों ने एथलेटिक्स में भारत के मजबूत और विविध प्रदर्शन को सामने रखा।
एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग भारत के सबसे सफल खेलों में शामिल रहा। भारतीय निशानेबाजों ने इस खेल में कुल 15 पदक जीते। इनमें 3 स्वर्ण, 8 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल रहे।
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक कमलजीत और सुरूची सिंह की रही। दोनों ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत के लिए एशियन गेम्स का पहला स्वर्ण पदक जीता। इस शानदार प्रदर्शन के दौरान दोनों ने एशियन रिकॉर्ड भी बनाया।
नीरू धांडा ने एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वह एशियन गेम्स में शॉटगन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान एशियन रिकॉर्ड भी बनाया।
इसके बाद नीरू धांडा ने कायनान चेनाई के साथ मिलकर मिश्रित टीम ट्रैप स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता। यह इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक था और भारतीय जोड़ी ने इसमें स्वर्ण पदक हासिल किया।
इस तरह नीरू धांडा ने एशियन गेम्स 2026 में कुल तीन पदक जीते। इनमें दो स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल रहे।
शूटिंग में भारत के अन्य पदक विजेताओं में एलावेनिल वालारिवन, सोनम मस्कर, विदर्सा विनोद, रुद्रांक्ष पाटिल, पार्थ माने, हिमांशु ढिल्लों, ईशा सिंह, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार, मनीषा कीर और आशिमा अहलावत सहित कई अन्य निशानेबाज शामिल रहे।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 6 पदक जीते। इनमें 3 स्वर्ण और 3 कांस्य पदक शामिल रहे। उपलब्ध स्रोत के अनुसार, स्वर्ण पदकों की संख्या के लिहाज से यह एशियन गेम्स में भारत का सबसे सफल बॉक्सिंग अभियान रहा।
लवलीना बोरगोहेन Lovlina Borgohain ने महिलाओं की 75 किलोग्राम श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ वह मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं।
परवीन हुड्डा ने महिलाओं की 65 किलोग्राम श्रेणी में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किलोग्राम श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता।
भारत के अन्य बॉक्सिंग पदक विजेताओं में नरेंद्र बेरवाल, प्रिया घंघास और कपिल पोखरिया शामिल रहे, जिन्होंने कांस्य पदक जीते।
कुश्ती में भारत ने कुल 6 पदक जीते। इनमें 2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल रहे। दिए गए स्रोत के अनुसार, यह 1962 के बाद एशियन गेम्स में भारत का सबसे अच्छा कुश्ती प्रदर्शन रहा।
अमन सहरावत Aman Sehrawat ने पुरुषों की 57 किलोग्राम श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, सुजीत कालकल ने पुरुषों की 65 किलोग्राम श्रेणी में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
महिलाओं की 53 किलोग्राम श्रेणी में अंतिम पंघाल ने रजत पदक जीता। पुरुषों की 97 किलोग्राम ग्रीको-रोमन श्रेणी में नितेश कुमार ने रजत पदक हासिल किया।
कुश्ती में भारत के कांस्य पदक सुनील कुमार और दीपक पूनिया ने जीते। सुनील कुमार ने पुरुषों की 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन श्रेणी में, जबकि दीपक पूनिया ने पुरुषों की 97 किलोग्राम श्रेणी में कांस्य पदक हासिल किया।
गोल्फ में प्रनावी उर्स ने भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वह व्यक्तिगत एशियन गेम्स गोल्फ में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
प्रनावी की इस जीत के साथ एशियन गेम्स में गोल्फ का स्वर्ण पदक जीतने के लिए भारत का 24 साल का इंतजार भी खत्म हुआ।
इसके बाद प्रनावी उर्स ने अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ मिलकर महिला टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। यह उपलब्धि भी भारतीय गोल्फ के लिए एक नई शुरुआत रही, क्योंकि इस स्पर्धा में भारत ने पहली बार यह उपलब्धि हासिल की।
भारत के टीम खेलों ने भी एशियन गेम्स 2026 में कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं। भारतीय महिला हॉकी टीम Indian women's hockey team ने 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स का खिताब जीता। वहीं, भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपना खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा।
महिला और पुरुष हॉकी टीमों की इन जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल किया।
कबड्डी में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के खिताब बरकरार रखे। इससे भारतीय कबड्डी टीमों की एशिया में मजबूत स्थिति एक बार फिर सामने आई।
क्रिकेट में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने अपने-अपने मुकाबलों में स्वर्ण पदक जीते। इस तरह क्रिकेट से भारत के खाते में दो और स्वर्ण पदक जुड़े।
कुल मिलाकर, शूटिंग, बॉक्सिंग, कुश्ती, गोल्फ और टीम खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने एशियन गेम्स 2026 में देश की पदक तालिका को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू Mirabai Chanu ने महिलाओं की 49 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर अपने शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ी।
यह एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग में भारत का 1998 के बैंकॉक एशियन गेम्स के बाद पहला पदक था। इसके साथ ही मीराबाई चानू ने भी अपना पहला एशियन गेम्स पदक हासिल किया।
एशियन गेम्स 2026 में भारत की सफलता केवल उन खेलों तक सीमित नहीं रही, जिनमें देश पहले से मजबूत माना जाता है। कई नए और कम लोकप्रिय खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
सुचिका तिरयाल ने महिलाओं की ट्रेडिशनल -60 किलोग्राम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। यह एशियन गेम्स में भारत का मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में पहला पदक था। MMA ने इस बार पहली बार एशियन गेम्स में जगह बनाई।
रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। यह इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक था।
रोशिबिना देवी ने वुशु में रजत पदक जीता। इसके साथ ही वह लगातार तीन एशियन गेम्स में वुशु में पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।
भारत ने सेपकटकरॉ के क्वाड्रेंट इवेंट में भी कांस्य पदक जीता। यह इस स्पर्धा में भारत का पहला पुरुष पदक था।
स्क्वैश में भारत ने कुल पांच पदक जीते। इनमें दो रजत और तीन कांस्य पदक शामिल रहे।
अभय सिंह ने पुरुषों के सिंगल्स में रजत पदक जीता। वहीं, अनाहत सिंह ने महिलाओं के सिंगल्स में रजत पदक अपने नाम किया। अनाहत एशियन गेम्स के सिंगल्स स्क्वैश में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
भारत ने पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं तथा मिक्स्ड डबल्स में भी कांस्य पदक जीते।
महिला टीम में अनाहत सिंह, जोशना चिनप्पा, तन्वी खन्ना और शमीना रियाज शामिल थीं। पुरुष टीम में अभय सिंह, वीर चोत्रानी, वेलावन सेंथिलकुमार और सूरज कुमार चंद ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
टेबल टेनिस में मनुष शाह और दिया चितले ने मिक्स्ड डबल्स में कांस्य पदक जीता। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह एशियन गेम्स के इतिहास में टेबल टेनिस में भारत का चौथा पदक था।
एशियन गेम्स 2026 में चार भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन-तीन पदक जीते।
नीरू धांडा और कुमकुम मोहोड ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। वहीं, गुलवीर सिंह ने दो रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया।
विथ्या रामराज ने महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण, मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले में रजत और महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता।
इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन दिखाता है कि एशियन गेम्स में भारत की सफलता केवल कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रही। अलग-अलग व्यक्तिगत, टीम और मिक्स्ड स्पर्धाओं में कई भारतीय खिलाड़ियों ने देश के पदक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ियों और टीमों ने कई अलग-अलग खेलों में देश के लिए पदक हासिल किए।
पदक जीतने वाले निशानेबाजों में एलावेनिल वलारिवन, हिमांशु धिल्लों, रुद्रांक्ष पाटिल, ईशा सिंह और नीरू धांडा जैसे नाम शामिल रहे।
एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह, विथ्या रामराज, एंसी सोजन, मुरली श्रीशंकर और तजिंदरपाल सिंह तूर ने भारत के लिए पदक जीते। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड, चिकिता तनीपर्थी और साहिल जाधव ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
भारत की पदक सूची में क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी की पदक विजेता टीमें भी शामिल रहीं। इसके अलावा बॉक्सिंग, कुश्ती, गोल्फ, स्क्वैश, नौकायन, वेटलिफ्टिंग, वुशु, बैडमिंटन, रोइंग, टेबल टेनिस, कुराश, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, सेपकटकरॉ और सॉफ्ट टेनिस जैसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह प्रदर्शन देश में खेलों की बढ़ती विविधता और खिलाड़ियों की मजबूत तैयारी को दर्शाता है। अलग-अलग खेलों में मिली सफलता ने भारत के पदक अभियान को और मजबूत बनाया।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन केवल 85 पदक जीतने की वजह से खास नहीं रहा। इस अभियान के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी हासिल कीं।
भारत ने कुल 85 पदक जीते, जो एशियन गेम्स में भारत का दूसरा सबसे बड़ा पदक आंकड़ा है। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने महिला गोल्फ, महिला शॉटगन शूटिंग, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, रोइंग और सेपकटकरॉ सहित कई खेलों में पहली बार महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।
भारत के लिए सबसे ज्यादा पदक एथलेटिक्स से आए। शूटिंग और तीरंदाजी ने भी बड़ी संख्या में पदक दिलाए। टीम स्पोर्ट्स में भारत ने कई स्वर्ण पदक जीते। वहीं, नीरू धांडा, कुमकुम मोहोड, गुलवीर सिंह और विथ्या रामराज जैसे खिलाड़ियों ने एक से अधिक पदक जीतकर अपनी खास पहचान बनाई।
भारत पदक तालिका में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के बाद चौथे स्थान पर रहा। भारत ने उज्बेकिस्तान को भी पीछे छोड़ा, जबकि दोनों देशों ने 21-21 स्वर्ण पदक जीते थे। भारत को बढ़त ज्यादा रजत पदक जीतने के कारण मिली।
कुल मिलाकर, एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन कई खेलों में फैली सफलता की कहानी रहा। एथलेटिक्स में रिकॉर्ड प्रदर्शन से लेकर तीरंदाजी में ऐतिहासिक नतीजों तक और नए खेलों में पहली बार पदक जीतने से लेकर हॉकी, कबड्डी और क्रिकेट में स्वर्ण पदक हासिल करने तक, भारत ने कई यादगार उपलब्धियां दर्ज कीं। 85 पदकों का यह अभियान भारतीय खेलों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गया।
| रैंक। Rank | देश। Country | स्वर्ण। Gold | रजत। Silver | कांस्य। Bronze | कुल पदक। Total |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | चीन। China | 169 | 89 | 83 | 341 |
| 2 | जापान। Japan | 83 | 95 | 91 | 269 |
| 3 | दक्षिण कोरिया। South Korea | 39 | 43 | 68 | 150 |
| 4 | भारत। India | 21 | 27 | 37 | 85 |
| 5 | उज्बेकिस्तान। Uzbekistan | 21 | 25 | 24 | 70 |
| 6 | ईरान। Iran | 19 | 18 | 15 | 52 |
| 7 | थाईलैंड। Thailand | 18 | 13 | 21 | 52 |
| 8 | कजाकिस्तान। Kazakhstan | 12 | 24 | 48 | 84 |
| 9 | हांगकांग चीन। Hong Kong China | 11 | 19 | 24 | 54 |
| 10 | बहरीन। Bahrain | 11 | 5 | 6 | 22 |
दी गई पदक तालिका के अनुसार, चीन 341 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा। भारत ने 85 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया।
एशियन गेम्स 2026 की पदक तालिका केवल भारत के 85 पदकों की संख्या नहीं बताती है। यह अभियान अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ कई ऐतिहासिक उपलब्धियों की कहानी भी है।
भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीतकर कुल 85 पदक हासिल किए और पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा सबसे बड़ा पदक प्रदर्शन रहा।
खेलवार प्रदर्शन की बात करें तो एथलेटिक्स ने 24 पदकों के साथ भारत के लिए सबसे ज्यादा पदक जीते। इसके बाद शूटिंग ने 15 और तीरंदाजी ने नौ पदक दिलाए।
प्रणवी उर्स, नीरू धांडा, कुमकुम मोहोड, विथ्या रामराज, गुलवीर सिंह, लवलीना बोरगोहेन और अमन सेहरावत जैसे खिलाड़ियों ने अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों से भारत के प्रदर्शन को और खास बनाया। कई अन्य खिलाड़ियों ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से टीम की सफलता में योगदान दिया।
भारतीय खेलों के लिए आइची-नागोया एशियन गेम्स का अभियान कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। इस प्रतियोगिता में भारत ने बड़ी संख्या में पदक जीते, कई खेलों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं और अलग-अलग खेलों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों में भारतीय खेलों के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास पैदा करता है।