Meesho को मिला 1500 करोड़ का इनकम टैक्स नोटिस

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Meesho को मिला 1500 करोड़ का इनकम टैक्स नोटिस
27 May 2026
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Meesho और Google Cloud की बड़ी साझेदारी, AI से बदलेगा ऑनलाइन शॉपिंग अनुभव

Meesho ने Google Cloud के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को मजबूत करना और अपने मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना है। इस सहयोग का फोकस ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाना, सेलर्स के टूल्स को मजबूत करना और भारत में AI-आधारित ई-कॉमर्स को बड़े स्तर पर विस्तार देना है, खासकर छोटे शहरों के उपयोगकर्ताओं के लिए।

Meesho–Google Cloud साझेदारी: मुख्य बिंदु

AI और क्लाउड आधारित रणनीतिक सहयोग

Meesho, जो 264 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं और लगभग 10 लाख छोटे सेलर्स को सेवा देता है, ने Google Cloud के साथ मिलकर अपने AI सिस्टम को मजबूत करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म की दक्षता बढ़ाना, पर्सनलाइजेशन सुधारना और बैकएंड सिस्टम को अपग्रेड करना है।

इस साझेदारी के दो मुख्य उद्देश्य हैं:

  • यूज़र्स और सेलर्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विस्तार
  • Google Cloud पर कोर इंफ्रास्ट्रक्चर का माइग्रेशन

Vaani AI असिस्टेंट: ऑनलाइन शॉपिंग का नया अनुभव

बातचीत आधारित AI शॉपिंग

इस साझेदारी का सबसे बड़ा हिस्सा है Vaani, जो Google के Gemini मॉडल्स पर आधारित एक जनरेटिव AI शॉपिंग असिस्टेंट है। इसे खासतौर पर उन यूज़र्स के लिए बनाया गया है जो टाइपिंग की बजाय बोलकर शॉपिंग करना पसंद करते हैं।

Vaani की मुख्य विशेषताएं:

  • हिंदी और अंग्रेजी में नैचुरल लैंग्वेज सर्च
  • वॉइस आधारित प्रोडक्ट खोज
  • बातचीत के जरिए प्रोडक्ट सुझाव
  • आसान और सरल प्लेटफॉर्म नेविगेशन

शुरुआती प्रदर्शन

लॉन्च के पहले महीने में Vaani को 15 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने इस्तेमाल किया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार:

  • उपयोगकर्ताओं में 22% अधिक कन्वर्ज़न रेट
  • ऑर्डर कैंसिल और रिटर्न दर में कमी
  • बेहतर यूज़र एंगेजमेंट

भविष्य की योजना

Meesho और Google Cloud अब Vaani की क्षमता को दस गुना बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इसमें शामिल होगा:

  • अधिक भाषाओं का समर्थन
  • बेहतर AI समझ क्षमता
  • देश के अधिक हिस्सों में विस्तार

क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और परफॉर्मेंस सुधार

Google Cloud पर माइग्रेशन

Meesho ने अपने डेटा सिस्टम को Google Cloud पर माइग्रेट करना शुरू किया है, जिसमें शामिल हैं:

  • Dataproc
  • Google Kubernetes Engine (GKE)

इससे प्लेटफॉर्म की परफॉर्मेंस और स्केलेबिलिटी में सुधार हुआ है।

तेज डेटा प्रोसेसिंग

कंपनी के अनुसार:

  • डेटा प्रोसेसिंग में 52% तक की तेजी आई है
  • प्रोडक्ट रिकमेंडेशन बेहतर हुए हैं
  • खरीदार और विक्रेता के बीच बेहतर मैचिंग हो रही है

यह सुधार लगभग 9.61 लाख छोटे व्यवसायों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

Mega Sale 2025 में परफॉर्मेंस

भारी ट्रैफिक को संभालने की क्षमता

Meesho की Mega Blockbuster Sale 2025 के दौरान प्लेटफॉर्म पर भारी ट्रैफिक देखा गया।

मुख्य आंकड़े:

  • लगभग 2 अरब विज़िट
  • 11.7 करोड़ ब्राउज़िंग घंटे
  • पीक पर 52,000 एक्टिव यूज़र्स प्रति मिनट

Google Cloud की मदद से प्लेटफॉर्म अपनी क्षमता को सामान्य से 3 गुना तक बढ़ाने में सक्षम रहा

सेलर्स के लिए AI टूल्स

ऑटोमेटेड कैटलॉग सिस्टम

Meesho सेलर्स के लिए AI आधारित टूल्स का उपयोग कर रहा है, जिससे:

  • इमेज से प्रोडक्ट डिटेल्स अपने आप तैयार होती हैं
  • कैटलॉग बनाना आसान होता है
  • मैनुअल काम कम होता है
  • प्रोडक्ट लिस्टिंग तेज होती है

सुरक्षा में सुधार

केंद्रीकृत सुरक्षा सिस्टम

Google Cloud के Security Command Center के जरिए Meesho ने अपनी सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया है।

सुरक्षा लाभ:

  • थ्रेट डिटेक्शन का केंद्रीकरण
  • संदिग्ध गतिविधियों की तेजी से पहचान
  • यूज़र और सेलर डेटा की बेहतर सुरक्षा
  • जोखिम प्रबंधन में सुधार

भारत के डिजिटल कॉमर्स पर प्रभाव

छोटे व्यवसायों को लाभ

यह साझेदारी भारत के ई-कॉमर्स क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे:

  • छोटे विक्रेताओं की विज़िबिलिटी बढ़ेगी
  • स्थानीय भाषाओं में बेहतर अनुभव मिलेगा
  • तेज और भरोसेमंद लेनदेन संभव होंगे
  • डिजिटल समावेशन को बढ़ावा मिलेगा

निष्कर्ष:

Meesho और Google Cloud की यह साझेदारी भारत में AI-आधारित ई-कॉमर्स के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनरेटिव AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी के संयोजन से न केवल यूज़र अनुभव बेहतर होगा, बल्कि छोटे व्यवसायों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह सहयोग भारत के डिजिटल रिटेल भविष्य को और अधिक स्मार्ट, तेज और समावेशी बनाने में मदद करेगा।

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सस्ते और किफायती सामान के लिए मशहूर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho इन दिनों एक बड़ी मुश्किल में घिरता नजर आ रहा है, आयकर विभाग ने कंपनी को पूरे 1500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम टैक्स नोटिस थमाया है, आरोप है, कि मीशो ने अपनी वास्तविक आय को कम करके दिखाया है, यह खबर उन करोड़ों ग्राहकों के लिए भी अहम है, जो हर दिन इस ऐप पर सस्ती डील्स तलाशते हैं, क्योंकि किसी भी ई-कॉमर्स कंपनी पर पड़ने वाला भारी वित्तीय दबाव अंततः उसकी कारोबारी रणनीतियों और ग्राहकों को मिलने वाले ऑफर्स पर सीधा असर डाल सकता है।

क्या है, पूरा मामला?

आयकर विभाग की ओर से यह टैक्स डिमांड नोटिस वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भेजा गया है, मीशो ने खुद स्टॉक एक्सचेंज को दी गई अपनी फाइलिंग में इस बड़े नोटिस की पुष्टि की है, विभाग का कहना है, कि कंपनी द्वारा घोषित आय के आंकड़ों में कुछ खामियां हैं, इसे देखते हुए टैक्स अधिकारियों ने ‘एडिशनल एडजस्टमेंट’ किए हैं, जिसमें बकाया टैक्स के साथ-साथ भारी ब्याज की रकम भी जोड़ दी गई है, हालांकि मीशो के प्रबंधन ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा है, कि वे इस आदेश की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं, और फिलहाल इस नोटिस से उनके वित्तीय कामकाज पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

डिस्काउंट के ‘खेल’ में फंसती हैं, कंपनियां

आम ग्राहक अक्सर यह सोचकर खुश होते हैं, कि उन्हें ऑनलाइन शॉपिंग पर बंपर छूट मिल रही है, लेकिन यही भारी छूट कई बार कंपनियों के लिए कानूनी गले की फांस बन जाती है, दरअसल ई-कॉमर्स कंपनियों और टैक्स विभाग Tax Department के बीच विवाद की मुख्य वजह ग्राहकों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन और डिस्काउंट ही होते हैं, कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए जो छूट देती हैं, उसे वे ‘व्यापारिक खर्च’ के तौर पर अपनी बैलेंस शीट में दिखाती हैं, ताकि उनका टैक्स योग्य मुनाफा कम हो सके, वहीं आयकर विभाग कई मामलों में इन खर्चों को पूरी तरह से कटौती के योग्य नहीं मानता, इसी खींचतान में ऐसे बड़े टैक्स डिमांड नोटिस जन्म लेते हैं।

पुरानी आदत या कानूनी उलझन?

मीशो के लिए इस तरह के टैक्स नोटिस का सामना करना कोई नई बात नहीं है, कंपनी ने जानकारी दी है, कि वित्त वर्ष 2022 के लिए भी उसे ऐसा ही एक नोटिस मिल चुका है, कंपनी के आईपीओ दस्तावेजों के अनुसार 25 जनवरी 2025 को आयकर विभाग ने एक कारण बताओ नोटिस जारी कर टैक्स रिटर्न में प्रस्तावित बदलावों पर जवाब मांगा था, तब मामला विज्ञापन खर्च की कटौती, फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट के मुनाफे और विदेशी भुगतानों पर टीडीएस (TDS) से जुड़ा था।

मीशो ने उस समय 7 फरवरी को अपना पक्ष रखते हुए अतिरिक्त जानकारी दी थी, लेकिन विभाग ने 13 मार्च को करीब 572 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड का आदेश पारित कर दिया, कंपनी ने हार न मानते हुए 9 अप्रैल को कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, कोर्ट ने 17 अप्रैल को इस टैक्स डिमांड पर अंतरिम रोक लगा दी थी, और यह मामला अब भी अदालत में विचाराधीन है।

क्या है, मीशो की वित्तीय स्थिति?

ताजा 1500 करोड़ रुपये के नोटिस पर मीशो ने स्पष्ट कर दिया है, कि वह आयकर विभाग के निष्कर्षों से बिल्कुल सहमत नहीं है, कंपनी अपने हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठा रही है, लेकिन कंपनी की मौजूदा माली हालत पर नजर डालें तो स्थिति बहुत राहत देने वाली नहीं है, अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में मीशो का शुद्ध घाटा 13 गुना बढ़कर 491 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, हालांकि एक सकारात्मक पहलू यह है, कि इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 31 फीसदी बढ़कर 3,517 करोड़ रुपये रहा, शेयर बाजार में भी कंपनी की चाल पर निवेशकों की नजर है, शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर मीशो के शेयर 0.44% की मामूली बढ़त के साथ 159.10 रुपये पर बंद हुए थे।