Infosys FY26 रिपोर्ट: करोड़पति कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 130 हुई

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09 Jun 2026
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News Synopsis

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026 में भारत में अपने उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। यह वृद्धि मुख्य रूप से स्टॉक-आधारित रिवॉर्ड्स और शीर्ष प्रतिभाओं की बेहतर रिटेंशन के कारण हुई है। यह रिपोर्ट आईटी सेक्टर में बदलते वेतन ढांचे और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाती है।

इंफोसिस में FY26 में 130 कर्मचारियों की सालाना कमाई ₹1 करोड़ से अधिक

इंफोसिस ने बताया है, कि वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारत में उसके 130 कर्मचारियों की सालाना कुल कमाई ₹1 करोड़ से अधिक रही। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है और कंपनी के अब तक के सबसे अधिक करोड़पति कमाने वाले कर्मचारियों की संख्या है।

यह उपलब्धि दिखाती है, कि कंपनी में उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं और एआई व ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के बावजूद कंपनी ने शीर्ष प्रतिभाओं को बेहतर स्तर पर बनाए रखा है।

स्टॉक-आधारित रिवॉर्ड्स से बढ़ी बड़ी कमाई

इस वृद्धि का प्रमुख कारण पिछले वर्षों में दिए गए स्टॉक-आधारित रिवॉर्ड्स का FY26 में वेस्ट होना और उपयोग होना रहा। इन इक्विटी-आधारित लाभों ने कई कर्मचारियों की कुल आय को काफी बढ़ाया।

इसके अलावा वर्ष के दौरान हुई वेतन संशोधन प्रक्रियाओं ने भी कई कर्मचारियों को ₹1 करोड़ से अधिक आय वर्ग में पहुंचाने में मदद की। यह दर्शाता है कि कंपनी प्रदर्शन-आधारित और दीर्घकालिक प्रोत्साहन प्रणाली पर जोर दे रही है।

उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों की बेहतर रिटेंशन

इंफोसिस ने अपने उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों को बनाए रखने में भी सुधार दिखाया है। FY26 में केवल 22 कर्मचारियों ने इस आय वर्ग में कंपनी छोड़ी।

यह पिछले दो वित्त वर्षों की तुलना में काफी कम है, जो बेहतर कर्मचारी स्थिरता का संकेत देता है। इससे पता चलता है कि कंपनी की नीतियाँ और मुआवजा संरचना वरिष्ठ प्रतिभाओं को बनाए रखने में प्रभावी रही हैं।

पिछले वर्षों में लगातार वृद्धि का रुझान

इंफोसिस में करोड़पति कमाने वाले कर्मचारियों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है:

  • FY24: 103 कर्मचारी
  • FY25: 112 कर्मचारी
  • FY26: 130 कर्मचारी

FY22 से पहले यह संख्या 100 से अधिक नहीं थी, जो हाल के वर्षों में वेतन संरचना में आए बदलाव को दर्शाता है।

रिपोर्टिंग के मानदंड और नियम

कंपनी ने स्पष्ट किया है, कि यह आंकड़े केवल उन्हीं भारत-आधारित कर्मचारियों को शामिल करते हैं जो पूरे वित्त वर्ष तक कंपनी में बने रहे।

जो कर्मचारी वर्ष के दौरान जुड़े या कंपनी छोड़ गए, उन्हें इस गणना में शामिल नहीं किया गया है, भले ही उनकी आय ₹1 करोड़ से अधिक रही हो।

इसके अलावा शीर्ष 10 उच्चतम वेतन पाने वाले कर्मचारियों का विवरण अलग से जारी किया जाता है और उन्हें इस सूची में शामिल नहीं किया जाता।

टीसीएस के मुकाबले अलग स्थिति

इंफोसिस के विपरीत टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में हाल ही में वेतन संशोधन को लेकर कुछ कर्मचारियों में असंतोष देखने को मिला है।

टीसीएस ने औसतन लगभग 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन कई कर्मचारियों ने शिकायत की कि उनके वेतन में कोई बदलाव नहीं हुआ या कुछ मामलों में कमी भी आई।

कुछ कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मासिक सैलरी में ₹3,000 तक की कमी देखी गई, जबकि अन्य ने वार्षिक पैकेज में मामूली गिरावट की बात कही।

टीसीएस का स्पष्टीकरण

टीसीएस ने कहा है, कि नया वेतन ढांचा मौजूदा श्रम कानूनों के अनुरूप बनाया गया है, और इसका उद्देश्य वेतन संरचना को सरल बनाना है।

कंपनी के अनुसार कर्मचारियों की कुल टेक-होम सैलरी सुरक्षित रहेगी और यह बदलाव टैक्स प्लानिंग में अधिक लचीलापन देने के लिए किया गया है।

निष्कर्ष:

इंफोसिस में करोड़ों रुपये कमाने वाले कर्मचारियों की बढ़ती संख्या कंपनी की मजबूत मुआवजा और रिटेंशन रणनीति को दर्शाती है। वहीं टीसीएस में सामने आई चुनौतियाँ यह दिखाती हैं कि आईटी सेक्टर में वेतन संरचना और कर्मचारी संतुष्टि अभी भी जटिल मुद्दे बने हुए हैं।

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